चेन्नई। राज्य के मुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी ने गुरुवार को राज्य विधानसभा में कहा कि तेलगू देशम पार्टी(टीडीपी) द्वारा संसद में लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव को और राज्य सरकार द्वारा की जा रही कावेरी प्रबंधन बोर्ड(सीएमबी) के गठन की मांग को जो़डा नहीं जाना चाहिए। गुरुवार को जब विधानसभा में यह मुद्दा चर्चा के लिए उठाया गया तो सत्तारुढ अखिल भारतीय अन्ना द्रवि़ड मुनेत्र कषगम(अन्नाद्रमुक) और द्रवि़ड मुनेत्र कषगम(द्रमुक) के बीच जमकर बहस हुई। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी द्रमुक राज्य विधानसभा के बजट सत्र शुरु होने के पहले दिन से ही इस मुद्दे को उठाने की मांग कर रही थी। गुरुवार को विधानसभ अध्यक्ष पी धनपाल ने इस मुद्दे को उठाने की अनुमति दे दी।फ्र्‍ॅद्बद्धर्‍ ·र्ष्ठैं ख्ट्ठद्म ·र्ैंर्‍ द्बय्ैंख् झ्द्य ·र्ैंह्ंश्च द्मब्र्‍्र ब्द्बय्द्यष्ठ फ्य्त्र्मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि टीडीपी केन्द्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन पार्टी(राजग) सरकार का हिस्सा रही है और इसने आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की अपनी मांग को लेकर अविश्वास प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया है। उन्होंेने कहा कि हम संसद में सीएमबी का गठन करने की मांग काफी लंबे समय से कर रहे हैं और हमारी इस मांग में किसी ने भी हमारा समर्थन नहीं किया है। टीडीपी भी सिर्फ अपनी समस्याओं को उठा रही है और उसके द्वारा हमारी मांगों के बारे में कुछ भी नहीं कहा जा रहा है। हमारी मांगों के लिए हमारे संसद लगातार संसद में आवाज उठा रहे हैं और केन्द्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।त्त्श्नद्बरु·र्ैं फ्ख्रडद्भ द्मष्ठ ·र्ैंब्य्द्मर्‍ ·र्ष्ठैं द्धब्य्द्मष्ठ फ्य्थ्य् ्यद्मप्रय्य्द्मय्द्रमुक के सदस्य के पिचांडी ने विधानसभा में गुरुवार को पहले एक कहानी सुनाई जिसमें उन्होंने बताया कि एक हिरण और बाघ में दोस्ती हो गई और एक बार बाघ को जोर से भूख लगी लेकिन इसके बावजूद उसने हिरण को नहीं खाया। उन्होंने कहा कि अन्नाद्रमुक और केन्द्र की भी दोस्ती इसी तरह की है और राज्य को कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड के गठन की जरुरत होने के बाद भी अन्नाद्रमुक केन्द्र से इसकी दोस्ती के कारण दबाव नहीं बना रही है। पलानीस्वामी ने इसका जवाब देता हुए कहा कि द्रमुक का पूर्ववर्ती केन्द्र सरकार के साथ गठबंधन रहा है जबकि अन्नाद्रमुक का राजग के साथ कोई गठबंधन नहीं है। उन्होंेने द्रमुक सदस्य से कहा कि आप यह बताएं कि यह कहानी आपके लिए है या हमारे लिए? मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात पर गौर करने की आवश्यकता है कि अन्नाद्रमुक के सांसद कावेरी प्रबंधन बोर्ड (सीएमबी) और कावेरी जल नियामक समिति (सीडब्ल्यूआरसी) के गठन के लिए अप्रत्याशित रुप से संसद की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं।ठ्ठर्‍ ज्द्भ·र्रुैंद्बय्द्य द्मष्ठ ·र्ैंय्ैंख्श्नष्ठफ् ृय्स्द्य त्त्श्नद्बरु·र्ैं ·र्ष्ठैं फ्ैंद्धैंथ्ह्र ·र्ैंह् र्ट्ठय्द्भय्मत्स्य मंत्री डी जयकुमार ने इस मुद्दे पर विधानसभा में अपनी बातें रखते हुए कहा कि यदि विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष एमके स्टालिन ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ अपनी दोस्ती के कारण इस मुद्दे पर उन्हें मनाया होता तो इसका समाधान हो गया होता क्योंकि कर्नाटक में कांग्रेस की ही सरकार है। इस पर स्टालिन ने उन्हें टोकते हुए कहा ‘आप कह रहे हैं कि आपकी सरकार कुछ भी नहीं कर सकती और हम इसे करेंगे। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि केन्द्र सरकार ने कावेरी प्रबंधन बोर्ड का गठन करने का आश्वासन दिया भी है या नहीं क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सीएमबी के गठन के लिए निर्धारित समय को पूरा होने में मात्र छह दिनों का समय शेष रह गया है।झ्स्त्रय्र्‍द्यफ्ष्ठत्प्द्ब द्मष्ठ द्नर्‍ त्त्श्नद्बरु·र्ैं झ्द्य फ्य्थ्य् ्यद्मप्रय्य्द्मय्उप मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने द्रमुक पर कावेरी पंचाट के निर्णय को अधिसूचित करवाने में विफल रहने का आरोप लगाया। पन्नीरसेल्वम ने कहा कि जिस समय कावेरी जल पंचाट द्वारा अपना अंतिम आदेश सुनाया गया था उस समय राज्य में द्रमुक की सरकार थी और यह तत्कालीन केन्द्र सरकार के गठबंधन का भी हिस्सा थी इसके बाद भी इसने पंचाट के आदेश को अधिसूचित करवाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। पन्नीरसेल्वम द्वारा यह कहने पर द्रमुक के वरिष्ठ नेता दुरैमुरुगन ने कहा कि आप कह रहे हैं कि आप संसद में केन्द्र सरकार का विरोध कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि यदि वास्तव में आप केन्द्र सरकार का विरोध कर रहे हैं तो आप केन्द्र सरकार के खिलाफ लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेंेगे।

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