चेन्नई। मंगलवार को राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के लोगों के बीच ‘अम्मा’’ के नाम से मशहूर जयललिता की पहली पुण्यतिथि पर राज्य भर में अखिल भारतीय अन्ना द्रवि़ड मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के कार्यकर्ताओं और राज्य के साधारण जमनमानस ने उन्हें याद किया। इस मौके पर अखिल भारतीय अन्ना द्रवि़ड मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के मुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी और उप मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम के ध़डे के साथ ही मौजूदा समय में अन्नाद्रमुक से दरकिनार किए जा चुके टीटीवी दिनाकरण के ध़डे ने भी पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता को श्रद्धांजलि देने के लिए मरीना बीच स्थित उनकी समाधि पर पहुंचे। समाधि स्थल पर मंगलवार की सुबह से ही लोगों की भी़ड उम़डनी शुरु हो गए।अन्नाद्रमुक के सत्तारुढ ध़डे के प्रमुख सदस्य जिसमें मुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी और उप मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम भी शामिल थे एक मौन जूलूस निकालकर जयललिता की समाधि तक पहुंचे और उनकी समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके साथ उनके राज्य मंत्रिमंडल के अन्य सहयोगी, अन्नाद्रमुक के सांसद और विधायक भी मौजूद थे। सभी नेताओं ने काले रंग की कमीज और सफेद रंग की धोती पहन रखी थी। पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की पहली पुण्यतिथि पर उनकी समाधि को भी फूलों से सजाया गया था। श्रद्धांजलि देने से पहले मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री अन्ना सालै स्थित पूर्व मुख्यमंत्री सीएन अन्नादुरै की प्रतिमा के निकट पहुंचे और उस पर माल्यार्पण किया।पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता को श्रद्धांजलि देने के बाद पार्टी के संयोजक और उप मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने पार्टी के सभी नेताओं और मंत्रियों को एकजुट होकर रहने और अन्नाद्रमुक द्वारा शुरु की गई क्रांति की रक्षा करने की शपथ दिलाई। उन्होंने अन्नाद्रमुक को लोगों का एक सफल आंदोलन बनाने में अम्मा के कठिन परिश्रम को याद किया। पार्टी का विकास सुनिश्चित करने की दिशा में सभी ने दिवंगत पार्टी नेता के कदमों पर चलने का प्रण लिया। उन्होंने अम्मा के मशहूर बयान मैं लोगों के लिए हूं, लोगों की वजह से हूं को भी दोहराते हुए, उस दिशा में काम करने का भी प्रण लिया। पनीरसेल्वम ने जयललिता को अन्नाद्रमुक का स्थायी महासचिव बताते हुए शपथ प़ढी। गौरतलब है कि जयललिता के हाथों में जब पार्टी की कमान थी तब पार्टी के नेता उनके लिए महासचिव शब्द का इस्तेमाल करते थे। उन्होंने इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता द्वारा दिखाए गए रास्तों पर चलते रहने और राज्य में उनके द्वारा शुरु की गई विकासकारी योजनाओं को आगे बढाने पर भी प्रतिबद्धता जाहिर की। इसके बाद सभी नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा।उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के बाद टीटीवी दिनाकरण भी एक खुली जीप में अपने समर्थकों के साथ एक मौन जूलूस निकालकर जयललिता की समाधि तक पहुंचे। इस दौरान दिनाकरण और उनके समर्थक भी काले रंग की कमीज और सफेद रंग की धोती पहने थे। दिनाकरण ने जयललिता की समाधि पर पुष्पचक्र अर्पित किया। दिनाकरण ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के दिखाए रास्ते पर वह हमेशा चलते रहेंगे चाहे इसके लिए उन्हें कठिनाइयों का भी सामना क्यों न करना प़डे।इस दौरान मरीना बीच पर हजारों की संख्या में महिलाओं और पार्टी समर्थकों के पहुंचने के कारण अन्ना सालै पर यातायात लगभग दो घंटे तक प्रभावित हो गई। इसके साथ एग्मोर हाई रोड सहित अन्य प्रमुख स़डकों पर भी वाहनों की लंबी कतारें लग गई। मरीना बीच पर आई महिलाएं अपने नेता की पहली पुण्यतिथि पर काफी जोर-जोर से विलाप करती और अपनी नेता को याद करती नजर आई। हालांकि पुलिस ने काफी चुस्त दुरुस्त ढंग से इस भी़ड को प्रबंधित किया और यातायात की सुगमता बहाल करने की कोशिशों में जुटी रही। मरीना बीच पर लगभग १० हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।

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