चेन्नई। वाहन चालकों और यातायात पुलिस के बीच होने वाले विवाद को समाप्त करने के लिए और यातायात पुलिस के जवानों और वाहन चालकों के बीच होने वाली बातचीत पर नजर रखने के लिए अब यातायात पुलिस के जवानों को अपने शरीर पर पहनने के लिए कैमरे देने का निर्णय लिया गया है। इस कदम से यातायात पुलिस के जवानों के खिलाफ की जाने वाली शिकायतों की जांच करने में आसानी होगी। इन कैमरों में यातायात नियमों के उल्लंघन की गतिविधियां भी रिकार्ड होंगी और वाहन चालक नियमों का उल्लंघन करने के बाद यातायात पुलिस को झुठला नहीं सकेंंगे।
हाल ही में एक कैब चालक ने सीट बेल्ट नहीं बांधने के कारण यातायात पुलिस द्वारा चालान काटे जाने के बाद खुद को आग लगा ली थी। इसके बाद कुछ दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद उसकी मौत हो गई थी। कैब चालक के परिवार के सदस्यों ने यह आरोप लगाया था कि उसने पुलिस द्वारा की गई मारपीट और पुलिस द्वारा अभद्र व्यवहार करने के कारण आहत होकर आत्महत्या कर ली। इस मामले के बाद चेन्नई यातायात पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। इस घटना के बाद यह निर्णय लिया गया है कि यातायात पुलिस के जवानों की वर्दी पर कैमरे लगाए जाएंगे ताकि इस प्रकार की घटनाओं मंें किसकी गलती है इसका पता लगाया जा सके।
प्राथमिक चरण में प्रायोगिक तौर पर शहर के चार पुलिस स्टेशनों के तहत यातायात पुलिस के पुलिस इंस्पेक्टरों को यह कैमरे दिए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में इस परियोजना का शहर के अन्य पुलिस स्टेशनों में भी विस्तार किया जाएगा। यह कैमरे यातायात पुलिस के जवानों की वर्दी पर ऐसे स्थान पर लगाए जाएंगे जिससे सामने वाली की पूरी तस्वीर कैमरे में रिकार्ड हो सके। चेन्नई से पूर्व कुछ अन्य महानगरों में भी यातायात पुलिस के जवानों को इस प्रकार के कैमरे दिए गए हैं जिसके बाद यातायात पुलिस और वाहन चालकों के बीच होने वाले विवाद को कम करने में काफी हद तक मदद मिली है।

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