चेन्नई। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में देश के थानों की रैंकिंग पुस्तिका का विमोचन किया और टॉप तीन थानों को पुरस्कार भी प्रदान किया। बीएसएफ अकादमी टेकनपुर में डीजीपी-आइजीपी कान्फ्रेंस में देश के थानों की रैंकिंग में कोयंबटूर का आरएसपुरम थाना नंबर एक स्थान पर रहा। दूसरे नंबर पर हैदराबाद का पंजगट्टा और तीसरे नंबर पर लखनऊ का गुदंबा थाना रहा। आरएसपुरम थाने के मौजूदा थाना प्रभारी पी जोथी के अनुसार इस पुलिस स्टेशन को देश का नंबर एक पुलिस स्टेशन बनाने में उनके साथ ही यहां पर उनसे पहले थाना प्रभारी के रुप में सेवा देने वाले अन्य अधिकारियों तथा यहां पर सेवा देने वाले सभी रैंक के पुलिसकर्मियों ने भी सहयोग दिया है।फ्द्बद्भ ·र्ष्ठैं झ्य्द्धैंख्र ब्स्र ृय्द्यॅफ्झ्रुद्यद्ब झ्रु्यध्फ् डट्टष्ठप्रय्द्म ·र्ष्ठैं झ्रु्यध्फ्·र्ैंद्बर्‍श्चउन्होंने बताया कि आरएस पुरम पुलिस स्टेशन के पुलिस कर्मियों का कहना है कि इस पुलिस स्टेशन में सभी अधिकारी समय के पाबंद हैं और समय से ड्यूटी पर पहुंच जाते हैं। इसके साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दिशा निर्देशों के अनुसार अपना कार्य करते हैं। पुलिस स्टेशन के सभी अधिकारी इस बात का भी ध्यान रखते हैं कि पुलिस के लिए जो दिशा निर्देश सरकार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा समय-समय पर जारी किए जाते हैं उनका पालन किया जाए। इसे पहले भी एक आदर्श पुलिस स्टेशन के रुप में जाना जाता रहा है। देश के सभी पुलिस स्टेशनों में आरएस पुरम पुलिस स्टेशन द्वारा अपनी पहचान बनाने का एक मुख्य कारण यह भी है कि यहां पर अनुशासन पर पूरा ध्यान दिया जाता है।ृद्मरुप्रय्य्फ्द्मय्ह्वद्ब·र्ैं झ्ब्ध्रुृह्र ·र्ैंय् द्यक्वय् ज्य्त्रय् ब्स् क्द्भय्द्मयहां पर विभिन्न स्थानों से स्थानांतरित होकर आने वाले थाना प्रभारी भी पूर्व मंे यहां पर इस पद पर सेवा दे रहे अधिकारियों का अनुसरण करते हैं और अनुशासन का ध्यान रखते हैं। पुलिस इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, हैड कांस्टेबल या कांस्टेबल सहित किसी भी स्तर का पुलिसकर्मी हो उसे यहां पर ड्यूटी करने के पहले दिन ही इस अवगत करा दिया जाता है कि उन्हें अनुशासनात्मक पहलुओं का विशेष ध्यान रखना होगा। इसके साथ ही अपने अधिकार क्षेत्र में गश्त करने और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए अपनाई जाने वाली अन्य रणनीतियों को भी समय-समय पर बदला जाता है। पुलिस स्टेशन के सभी कर्मचारी आपसी समन्वय के साथ टीम भावना से प्रेरित होकर कार्य करते हैं।झ्य्ैंघ्प्ष्ठ्र डत्र्य्द्म झ्द्य ब्स् ृस्त्रय्य् द्मख्द्य ·र्ष्ठैं-र्ड्डैंह्द्य झ्रु्यध्फ् डट्टष्ठप्रय्द्मइस सूची में पांचवंे स्थान पर रहे चेन्नई के अन्ना नगर स्थित के-फोर पुलिस स्टेशन के पुलिस अधिकारियों के अनुसार जनता से पुलिस का व्यवहार पुलिस की छवि बनाता है या बिगा़डता है। पुलिस स्टेशन के प्रति छवि का निर्धारण अन्य पहलुओं के साथ ही इस बात पर भी काफी हद तक निर्भर करता है कि स्थानीय लोगों की उस पुलिस स्टेशन के बारे में क्या राय है। चूंकि एक पुलिसकर्मी हमेशा जनता के बीच रहता है इसलिए यह आवश्यक है कि लोगों से उसका व्यहार अच्छा हो। के-फोर पुलिस स्टेशन भी इस सिद्धांत का पालन करता है और शिकायत लेकर आने वाले लोगों से काफी मैत्रीपूर्ण ढंग से व्यवहार करते हैं। थाना प्रभारी की ओर से सभी पुलिसकर्मियों को यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वह शिकायत लेकर आने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ बदतमीजी नहीं करे।प्यद्यलट्ठ झ्रु्यध्फ् ृ्यथ्·र्ैंय्यद्यद्भह्र द्मष्ठ झ्श्न·र्ैंट्ट ·र्ैंर्‍ झ्श्नफ्स्त्रय्त्रय्आरएस पुरम पुलिस स्टेशन और के -फोर पुलिस स्टेशन को देश के १० शीर्ष पुलिस स्टेशनों में स्थान मिलने से राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों में भी प्रसन्नता है और उन्होंने इन दोनों पुलिस स्टेशनों के थाना प्रभारी और यहां पर सेवा देने वाले अन्य पुलिसकर्मियों को इसकी बधाई दी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार सूची में स्थान बनाने वाले दोनों पुलिस स्टेशन में एक बात समान है कि इनके द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक को पुलिस से जो़डा गया है। इन वर्गों को यह विश्वास दिलाया गया है कि पुलिस जनता की मदद करने में सक्षम है और उनकी निश्चित तौर पर मदद करेगी। इसके साथ पुलिस स्टेशन में अपनी शिकातय के साथ आने वाले लोगों की शिकायतों का समाधान तुंरत कर दिया जाता है जिससे लोगों का अपने पुलिस स्टेशनों पर भरोसा बढा है।

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