नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने प्रोफेसर एमएम कलबुर्गी की हत्या की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराने संबंधी याचिका पर केंद्र सरकार से बुधवार को जवाब तलब किया। प्रो. कुलबर्गी की पत्नी उमा देवी ने अपने पति की हत्या की जांच एसआईटी से कराने की मांग करते हुए एक याचिका दाखिल की है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने केंद्र सरकार के अलावा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से भी जवाब मांगा है। शीर्ष अदालत ने सभी को छह हफ्ते के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ता की दलील है कि वर्ष २०१५ में उनके पति की हुई हत्या की किसी भी एजेंसी ने सही से जांच नहीं की है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि उनके पति, महाराष्ट्र के तर्कवादी गोविंद पंसारे और नरेंद्र दाभोलकर की हत्या एक ही तरीके से की गई थी। एमएम कलबुर्गी कन्ऩड विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति थे। वह हिंदू धर्म में फैले अंधविश्वास की मुखर आलोचना के लिए चर्चित थे। ३० अगस्त २०१५ को दो अज्ञात हमलावरों ने कलबुर्गी की उनके घर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इससे पहले १६ फरवरी २०१५ को गोविंद पंसारे को महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में गोली मार दी गई थी। वहीं, २० अगस्त २०१३ को पुणे में नरेंद्र दाभोलकर की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

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