बेंगलूरु। राहुल गांधी ने बुधवार को नरेन्द्र मोदी सरकार की जम्मू-कश्मीर नीति की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि इससे संकटग्रस्त राज्य में पाकिस्तान को दुर्व्यवहार करने का मौका मिला है। यहां आयोजित कांग्रेस रैली में उन्होंने सरकार पर प्रहार किया। एक दिन पहले मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में कश्मीरियों का जिक्र करते हुए कहा कि गोली और गाली से उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा बल्कि उन्हें गले लगाने से होगा। उन्होंने कहा, मोदी ने जम्मू-कश्मीर में घृणा और क्रोध का माहौल पैदा किया है और घृणा एवं हिंसा से केवल पाकिस्तानियों को ही फायदा होता है। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पी. चिदंबरम और जयराम रमेश जैसे नेताओं के साथ जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर बिना किसी नौटंकी या तमाशा किए उन्होंने काम किया था। उन्होंने कहा कि दस वर्षों का उनका प्रयास मोदी ने एक महीने में खत्म कर दिया। राहुल ने कहा कि जब कांग्रेस नीत गठबंधन को वर्ष-२००४ में अटल बिहारी वाजपेयी से सत्ता मिली थी तब कश्मीर जल रहा था और मनमोहन सिंह सरकार की सबसे ब़डी सफलताओं में जम्मू-कश्मीर में शांति का माहौल पैदा करना था।उन्होंने कहा कि हमने कश्मीर में शांति लाने के लिए दस वर्षों तक काम किया। हमने पंचायत चुनाव कराए, हमने रोजगार पर काम किए, हमने वहां हजारों महिलाओं को बैंक से जो़डा। कारण यह था कि हम कश्मीर में शांति और सौहार्द चाहते थे। उन्होंने कहा, हम जम्मू-कश्मीर के लोगों को गले लगाना चाहते थे और चाहते थे कि वे हमें गले लगाएं। हम वहां शांति चाहते थे क्योंकि जब शांति होगी तो पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में कुछ नहीं कर सकता। पाकिस्तान के लिए बदमाशी करने का अवसर बंद हो गया था। राहुल ने कहा कि शांतिपूर्ण जम्मू-कश्मीर पाकिस्तान के लिए बुरी चीज है और संप्रग सरकार ने दस वर्षों तक जो किया उसे मोदी ने एक महीने में खत्म कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी वहीं तक नहीं रुके। जब हम सरकार में थे तो पाकिस्तान और चीन को छो़डकर अन्य प़डोसी देश हमारे समर्थक थे। नरेन्द्र मोदी ने एक-एक कर उन्हें हमसे दूर कर दिया है। उन्होंने कहा, रूस पहली बार पाकिस्तान को हथियार बेच रहा है।

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