बेंगलूरु। एक युवक ने बुधवार को दिन-दहा़डे एक दुस्साहसिक आपराधिक घटना को अंजाम देते हुए कर्नाटक के लोकायुक्त न्यायाधीश विश्वनाथ शेट्टी पर उनके कार्यालय के अंदर ही चाकू से हमला कर दिया। गृहमंत्री रामलिंगा रेड्डी ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत में इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि युवक को इस हमले के बाद भागने की कोशिश में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसकी पहचान भी कर ली गई है। उसने लोकायुक्त पर चाकू से तीन बार वार किएय घटना के बाद लोकायुक्त न्यायाधीश शेट्टी को उपचार के लिए मल्टी स्पेशलिटी माल्या अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। डॉक्टरों ने बताया कि वे खतरे से बाहर हैं। जानकारी के मुताबिक, हमलावर तेजराज शर्मा कथित तौर पर लोकायुक्त को अपनी कोई शिकायत दर्ज करवाने के लिए उनके कार्यालय गया हुआ था। न्यायाधीश शेट्टी के साथ बातचीत के दौरान ही उसने एक चाकू निकाला और उन पर झपट प़डा। उसने लोकायुक्त के पेट में तीन बार चाकू से वार किया। वह मूलत: राजस्थान का रहने वाला है और फिलहाल टुमकूरु में रह रहा है। द्बरुद्भद्बैंख़य्र्‍ ृय्स्द्य ख्ल्ब्द्बैंख़य्र्‍ ृडझ्त्रय्ध् झ्ब्रुैंघ्ष्ठइस घटना की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री सिद्दरामैया और गृहमंत्री रामलिंगा रेड्डी ने माल्या अस्पताल जाकर घायल लोकायुक्त की हालत की जानकारी प्राप्त की। वहीं, कानून मंत्री टीबी जयचंद्रा ने इस घटना की तीखी भर्त्सना करते हुए इसे एक गंभीर मामला बताया है। वहीं, रामलिंगा रेड्डी ने कहा, ’’हम यह निर्धारित करेंगे कि क्या लोकायुक्त कार्यालय की सुरक्षा में कहीं किसी प्रकार की चूक हुई थी? राज्य सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता के साथ ले रही है। लोकायुक्त पर हमला करने के दोषी पाए जाने वाले पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।’’शहर पुलिस आयुक्त सुनील कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमले के वक्त लोकायुक्त न्यायाधीश ने एक ब्लेजर पहन रखा था, जिसकी वजह से हमले में प्रयोग किया गया चाकू उनके शरीर में अधिक गहरी चोट नहीं कर सका। उन्हें सीने, हाथ और पैर में चोट आई है। मुख्यमंत्री सिद्दरामैया ने इस घटना के पीछे सुरक्षा में संभावित चूक की जांच करने का आदेश दे दिया है। इसके साथ ही लोकायुक्त कार्यालय के बाहर धातु की चीजों का पता लगाने के लिए मेटल डिटेक्टर लगाने का आदेश भी दिया गया है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक नीलमणि राजू से इस हमले के आगे और पीछे की घटनाओं की जांच करने को कहा है। आरोपी की पृष्ठभूमि का पता लगाने को भी कहा गया है। लोकायुक्त न्यायाधीश शेट्टी की हालत की जानकारी लेने के लिए अस्पताल का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने डॉक्टरों से लोकायुक्त को सर्वोत्तम उपचार देने का आग्रह किया है। सूत्रों ने बताया कि लोकायुक्त पर हमले का आरोपी तेजराज शर्मा दरअसल सरकारी कार्यालयों को फर्नीचरों की आपूर्ति करने का काम करता है। उसने अपना टेंडर रद्द किए जाने के खिलाफ लोकायुक्त न्यायाधीश को १८ अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। बताया जाता है कि उसकी सारी शिकायतें खारिज कर दी गई थीं और सभी अधिकारियों को लोकायुक्त की शुरुआती जांच के बाद क्लीन चिट मिल गई थी। ख्रष्ठप्ष्ठख्ह्रठ्ठणक्कय् द्मष्ठ फ्द्य·र्ैंय्द्य झ्द्य फ्य्थ्य् ्यद्मप्रय्य्द्मय्वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (एस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एचडी देवेगौ़डा ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार कर्नाटक में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। उन्होंने आज पत्रकारों से बातचीत में कहा, ’’यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में स्थित कार्यालय के अंदर घुसकर इस प्रकार की आपराधिक घटनाएं अंजाम दी जा रही हैं। हर व्यक्ति को ऐसी घटनाओं की निंदा करनी चाहिए। दोषियों को कानून के कठघरे में ख़डा का दंडित किया जाना चाहिए।’’ पूर्व उप मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता आर अशोक ने भी इस घटना की तीखी निंदा करते हुए इसे राजनीतिक रूप दे दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं गवाही देती हैं कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने इसके साथ ही मुख्यमंत्री सिद्दरामैया से राज्य की इस हालत की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकारते हुए अपने पद से इस्तीफा देने तक की मांग कर डाली। अशोक ने केंद्र सरकार से भी अपील कर दी कि कानून-व्यवस्था की इस संगीन हालत के मद्देनजर यहां तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए।विधानसभा में विपक्ष के नेता जगदीश शेट्टर ने भी कांग्रेस सरकार पर हमलावर तेवर अपनाते हुए इसे कानून-व्यवस्था ध्वस्त होने का संकेत माना। उन्होंने कहा कि यह आपराधिक घटना किसी सुनसान इलाके में रात के अंधेरे में अंजाम नहीं दी गई, बल्कि लोकायुक्त कार्यालय में दिनदहा़डे अंजाम दी गई, जिससे स्पष्ट होता है कि यहां लोगों के मन में कानून का डर नहीं रह गया। उन्होंने सवाल किया कि अगर हालात नहीं बदले तो आम आदमी की सुरक्षा कैसे हो सकेगी? राज्य सरकार पर इस घटना के बाद हमलावर रुख अपनाने वालों में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येड्डीयुरप्पा भी शामिल थे। उन्होंने मांग की कि राज्य सारकार घटना में शामिल सभी लोगों को सख्त से सख्त सजा दिलवाए। उन्होंने इसके साथ ही लोकायुक्त न्यायाधीश शेट्टी के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की।

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