नई दिल्ली/बेंगलूरु/दक्षिण भारतकावेरी जल प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर अन्नाद्रमुक सदस्यों द्वारा पिछले कई दिनों से लोकसभा में किए जा रहे हंगामे के बीच शुक्रवार को कर्नाटक के कुछ कांग्रेसी सदस्यों ने इस मांग का विरोध करते हुए सदन में नारेबाजी की। बजट सत्र के दूसरे चरण के आखिरी दिन की बैठक शुरू होने के साथ ही अन्नाद्रमुक के सदस्य कावेरी बोर्ड की मांग को लेकर पिछले दिनों की तरह नारेबाजी करते हुए लोकसभा अध्यक्ष के आसन के निकट पहुंच गए। इस दौरान कर्नाटक से कांग्रेस के कुछ सदस्य भी नारेबाजी करते आसन के निकट पहुंच गए।अन्नाद्रमुक के सदस्य ‘वी वांट जस्टिस’’ और ‘वी वांट कावेरी बोर्ड’’ के नारे लगा रहे थे तो कांग्रेस के सदस्य ‘वी अपोज कावेरी बोर्ड’’ के नारे लगा रहे थे। कांग्रेस सदस्यों ने भी अन्नाद्रमुक के सदस्यों की तरह हाथों में तख्तियां ले रखीं थी जिस पर बोर्ड के गठन के विरोध का उल्लेख किया गया था। इस दौरान सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी , कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी आदि मौजूद थे। गौरतलब है कि कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी जल बंटवारे का विवाद चल रहा है।सदन में दोनों पार्टियों के सदस्यों के हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदस्यों से अपने स्थान पर लौटने को कहा ताकि वह कार्यवाही के अनिश्चितकालीन समय के लिए स्थगित किए जाने की घोषणा कर सकें। उनके कहने पर अन्नाद्रमुक और कांग्रेस के सदस्य वापस अपने स्थान पर चले गए, लेकिन इसी बीच आंध्र प्रदेश के लिए विशेष पैकेज की मांग को लेकर सरकार से अलग होने वाली तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के सदस्य आसन के समीप आकर ख़डे हो गए।तेदेपा ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे रखा था उधर, आज की कार्यवाही आरंभ होने से पहले कर्नाटक के कांग्रेस सांसदों ने संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना दिया और कावेरी जल बोर्ड के गठन की मांग का विरोध किया।

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