चेन्नई। तीन दिन पहले एक संवाददाता सम्मेलन के समाप्त होने के बाद एक महिला पत्रकार के प्रश्न की सराहना करते हुए उसका गाल थपथपाने और इससे राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित की आलोचना होने के बाद भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) नेताओं द्वारा आपत्तिजनक बयान देने का सिलसिला शुरु हो गया है। पहले एच राजा ने राज्यपाल को गाल थपथपाने के लिए निशाने पर लेने वाली महिला पत्रकार का समर्थन करने पर द्रवि़ड मुनेत्र कषगम(द्रमुक) सांसद और द्रमुक सुप्रीमो करुणानिधि की पुत्री कनिमोझी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की और अब राज्य के एक अन्य भाजपा नेता ने महिला पत्रकारों और मीडिया में कार्य करने वाले लोगों को लेकर फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट की है। इन दोनों नेताओं की आपत्तिजनक टिप्पणियों का राज्य की विपक्षी पार्टियों द्वारा व्यापक विरोध किया जा रहा है।प्रदेश भाजपा के नेता एसवी शेखर ने अपने फेसबुक अकाउंट पर महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी पोस्ट की है। इस पोस्ट में उन्होंने महिला पत्रकारों को लेकर अश्लील और आपत्तिजनक बातें लिखी हैं। एसवी शेखर ने अपने पोस्ट में लिखा कि ’’ब़डे लोगों के साथ सोए बिना कोई भी न्यू़ज एंकर या रीडर नहीं बन सकती।’’ इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि सीनियर महिला जर्नलिस्ट, जिनका गाल राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने छुआ था, वह राज्यपाल पर गलत आरोप लगा रही हैं। ऐसा करने के पीछे उनकी मंशा भाजपा सरकार को बदनाम करना है।’’ ·र्ैंब्य्, द्बर्‍्यठ्ठणद्भय् द्बष्ठ्र ·र्ैंंश्च ृझ्द्मढ्ढण ृय्स्द्य ज्य्यब्ध् ध्ह्ख्ज्ञातव्य है कि भाजपा नेता एसवी शेखर तमिल फिल्मों में काम भी कर चुके हैं। उन्होंने महिला पत्रकारों और मीडिया संस्थानों के बारे में अपमानजनक फेसबुक पोस्ट तमिल में किया था जिसे अब उन्होंने अपने फेसबुक पेज से हटा लिया है। भाजपा नेता ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मीडिया में कई अनप़ढ और जाहिल लोग हैं। राज्यपाल पर आरोप लगाने वाली यह महिला पत्रकार इसका अपवाद नहीं है। उन्होंने लिखा कि शैक्षणिक संस्थानों के मुकाबले मीडिया क्षेत्र में महिलाओं के साथ ज्यादा यौन उत्पी़डन होता है। महिला पत्रकार मीडिया में पद पाने और अपने काम निकालने के लिए ब़डे लोगों के साथ संबंध तक बनाती है।द्यय्ःद्भझ्य्ध् ·र्ैंह् थ्ह्द्मष्ठ घ्य्यब्ॅ त्र्ष्ठ ्यर्ड्डैंद्मय्ंध् फ्ष्ठ ब्य्त्र्एसवी शेखर ने लिखा, इनमें से जो अपवाद हैं, मैं उनका सम्मान करता हूं। हालांकि, तमिलनाडु मीडिया में ज्यादातर लोग ब्लैकमेलर्स और घटिया हैं। शेखर ने लिखा कि दरअसल, राज्यपाल को उस महिला को छूने के बाद ’’अपने हाथ फिनाइल से धोने चाहिए थे। ज्ञातव्य है शेखर ने इस पोस्ट के लिए एस तिरुमलई नामक व्यक्ति को श्रेय दिया है। सूत्रों के अनुसार तिरुमलई ही वह कट्टर भाजपा समर्थक है जिसने यह पोस्ट लिखी है। रिपोर्ट के मुताबिक तिरुमलई अमेरिका में रहता है। झ्ह्डट्ट ब्ट्टय्द्भर्‍ ृय्स्द्य द्बय्ैंख्र्‍ द्बय्र्ड्डैंर्‍उसके बारे में बात करते हुए एसवी शेखर ने कहा, मैं अमेरिका के दौरे के समय उनसे मिला था। उन्होंने मुझे बताया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशंसक हैं। इसके बाद उन्होंने कहा, मैंने पोस्ट शेयर करने से पहले पूरी नहीं प़ढी थी। मैं कभी किसी को गाली नहीं दे सकता। मैं पोस्ट हटाना चाहता था लेकिन फेसबुक ने उसे ब्लॉक कर दिया है। अब मैं अगले २४ घंटे तक अपना अकाउंट नहीं चला सकता। हालांकि, बीजेपी नेता ने अब अपने फेसबुक पेज से यह पोस्ट हटा ली है और माफी मांग ली है। शेखर ने कहा कि मैंने यह पोस्ट बिना मैसेज देखे लोड कर दी थी। इसे लेकर अनजाने में जो महिलाओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है, उसके लिए मैं माफी मांगता हूं।·र्ैंद्बध्य्ध्द्भद्ब ·द्द फ्य्द्बद्मष्ठ झ्ख़य्·र्ैंय्द्यह्र द्मष्ठ ्य·र्ैंद्भय् ्यप्द्यह्थ् झ्श्नख्रप्रय्श्चद्मइसी क्रम मंें शुक्रवार को चेन्नई के पत्रकारों ने एसवी शेखर तथा भाजपा के राष्ट्रीय सचिव एच राजा के खिलाफ शहर के टी नगर स्थित पार्टी के राज्य मुख्यालय कमलालयम के सामने विरोध प्रदर्शन किया। पत्रकारों ने एच राजा पर भी पत्रकारों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। विभिन्न पत्रकार संघ ने भी एसवी शेखर के इस पोस्ट की निंदा की है और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। कमलालयम के सामने विरोध प्रदर्शन करने वाले पत्रकारों ने कहा कि समाज के लिए दिन रात काम करने वाले पत्रकारों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने वाले के खिलाफ क़डी कार्रवाई की जानी चाहिए । ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार की टिप्पणी नहीं करे।

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