चेन्नई। राज्य के बिजली मंत्री पी तंगमणि ने गुरुवार को विधानसभा में एक विधानसभा सदस्य द्वारा उठाए गए प्रश्नों के जवाब में कहा कि इस वर्ष गर्मी के मौसम में बिजली कटौती की समस्या नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सरकार की ओर से काफी कदम उठाए गए हैं। पवन ऊर्जा के माध्यम से उत्पादित होने वाली बिजली में वृद्धि होने के कारण राज्य के पास बिजली उत्पादन बढा है। इसके साथ पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान ५,२८४ करो़ड रूपए की लागत से राज्य में ६० पावर सब स्टेशनों का निर्माण किया गया है। इनमें से तीन सब स्टेशन ४०० केवी क्षमता के तीन, २३० केवी क्षमता के नौ सब स्टेशन, ११० केवी क्षमता वाले ३८ सब स्टेशन और ३३ केवी क्षमता वाले १० सब स्टेशन शामिल हैं। इसके साथ ही चेन्नई के पोरूर और माम्बलम में ३३८.०८ करो़ड रूपए की लागत से २३० केवी क्षमता वाले सब स्टेशनों का नर्माण भी किया जा रहा है। बिजली मंत्री ने कहा कि राज्य की कुल उर्जा उत्पादन में थर्मल पावर संयत्रों की स्थापना कर बिजली के उत्पादन में २५०० मेगावाट की बढोत्तरी करने का लक्ष निर्धारित किया गया था और इसमें से तांजेडको और अन्य एजेंसियों के प्रयासों से १९०० मेगावाट बिजली उत्पादित करने के लक्ष्य को पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही सरकार ने नए थर्मल पावर सटेशनों की स्थापना कर राज्य में बिजली उत्पादन बढाने के साथ ही निजी बिजली उत्पादकों से बिजली खरीदने की दिशा में भी कदम उठाया है। हालांकि इस बात का ध्यान रखा गया है कि जो बिजली उत्पादक ज्यादा कीमत पर बिजली देते हैं उनसे बिजली की खरीददारी नहीं की जाए। तंगमणि ने कहा कि राज्य की सत्तारुढ अखिल भारतीय अन्ना द्रवि़ड मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) सरकार द्वारा पिछले दो वर्षों के दौरान राज्य में बिजली की कमी को दूर करने की दिशा में उठाए गए इन कदमों के कारण राज्य में बिजली की कमी को काफी हद तक कम किया गया है। लगभग पांच वर्ष पूर्व तक राज्य में ४००० मेगावाट बिजली की कमी महसूस की जा रही थी लेकिन राज्य सरकार के प्रयासों से अब बिजली की इतनी कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति की जा सके।

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