बेंगलूरु। त्रिपुरा के चुनाव नतीजों का कर्नाटक विधानसभा चुनाव पर कोई असर नहीं प़डनेवाला, क्योंकि यहां मोदी लहर नहीं है। मुख्यमंत्री सिद्दरामैया का ऐसा मानना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भाजपा को चिंता करनी चाहिए कि गैरकानूनी भूमि की अधिसूचना को अवैध रूप से रद्द करने के सिलसिले में जेल जानेवाले और खदान लूट के सरगना बीएस येड्डीयुरप्पा एक भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने के बारे में आम जनता को भला कैसे आश्वस्त कर पाएंगे?उल्लेखनीय है कि त्रिपुरा चुनाव नतीजों के बाद कर्नाटक चुनाव में उसके प्रभाव को लेकर मीडिया में काफी गर्मागर्म चर्चा है। इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री सिद्दरामैया ने ट्वीट करते हुए कहा है कि २०१४ लोकसभा के बाद भाजपा ने ५० लोकसभा क्षेत्रों में विधानसभा की सीटें गंवायी हैं और उसे मात्र दो लोकसभा सीट ही हासिल हुई। ऐसे में हमें चिंता करने की जरूरत नहीं है। यहां नरेंद्र मोदी की कोई लहर नहीं है। भाजपा ने त्रिपुरा का वामपंथी ग़ढ छीन लिया और नगालैंड सरकार में हिस्सेदारी के लिए उसे आमंत्रित किया गया है, लेकिन मेघालय में विधानसभा की स्थिति त्रिशंकु जैसी है। मेघालय में २१ सीटें पाकर कांग्रेस सबसे ब़डी पार्टी के रूप में उभरी है। सिद्दरामैया ने एक दूसरे ट्वीट में कहा है कि कर्नाटक की भाजपा को चिंता करनी चाहिए कि खदान लूट के सरगना, बेंगलूरु भूमि अधिसूचना को अवैध तरीके से रद्द करके जेल जानेवाले और ऑपरेशन कमल नामक कैश फॉर एमएलए’’ घोटाले में शामिल प्रदेशाध्यक्ष येड्डीयुरप्पा राज्य को स्थिर तथा भ्रष्टाचार मुक्त सरकार कैसे दे सकते हैं?गौरतलब है कि ६ मार्च को कर्नाटक के चुनावी दौरे पर आनेवाले उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कर्नाटक, केरल, प. बंगाल और ओडिशा में कमल खिलेगा। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पूर्वोत्तर राज्यों में पार्टी की ऐतिहासिक जीत के वास्तुकार हैं्। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने विकास नीति बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की सांगठनिक क्षमता की भी तारीफ की है।

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