मानव शरीर एक यंत्र के समान है। जिस प्रकार किसी यंत्र के कल पुर्जों के सही तरह कार्य करते रहने के लिए उसमें तेल डालने की आवश्यकता होती है। उसी प्रकार शरीर के विभिन्न अंगों को स्वस्थ रखने तथा उनसे सही तरीके से कार्य लेने हेतु तेल मालिश बहुत फायदेमंद है। तेल को खाने व मालिश करने के लिए प्रयोग किया जाता है। मालिश भी दो प्रकार से की जाती है। सिर व शरीर के अन्य अंगों की। पहले सिर की मालिश पर ही विचार कर लें। बालों में तेल मालिश सिर की त्वचा का रक्त संचार ब़ढाती है जिससे यह त्वचा स्वस्थ बनी रहती है। खुश्की दूर करने व बालों को मुलायम करने के साथ ही तेल मालिश से सिर को तुरन्त आराम भी मिलता है। सिर की मालिश हेतु बाजार में विभिन्न प्रकार के तेल मिल जाते है। किन्तु इसके लिए सरसों या आंवले का तेल उत्तम होता है। शरीर की मालिश त्वचा के स्वास्थ्य व अंगों की सुडौलता के लिए बहुत लाभप्रद है। यही कारण है कि शिशुओं के शरीर की मालिश से उनकी हड्डियां मजबूत व त्वचा स्वस्थ होती है। सर्दियों में त्वचा को रूखेपन से बचाने हेतु भी मालिश बहुत आवश्यक है।द्बय्द्म्यफ्·र्ैं डप्य्ड्वद्भएक ब़डी प्रसिद्ध कहावत है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है। किन्तु एक अन्य सच यह भी है कि स्वस्थ मस्तिष्क शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। मानसिक स्वास्थ्य या स्वस्थ मस्तिष्क का अभिप्राय है कि व्यक्ति की सोच उसे तनावग्रस्त कर देती है। तथा भावनात्मक व संवेगात्मक असंतुलन पैदा कर देती है जिससे वह शारीरिक तौर पर भी अस्वस्थ हो जाता है।

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