नई दिल्ली/भाषास्वेदशी रुप से विकसित हल्के ल़डाकू विमान (एलसीए) तेजस ने हवा से हवा में मार करने वाली बीवीआर मिसाइल का सफल परीक्षण किया और एक प्रभावी जंगी जेट के तौर पर अपनी पूरी क्षमता प्रदर्शित की तथा वह अंतिम परिचालन मंजूरी हासिल करने के बिल्कुल करीब पहुंच गया। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि कल गोवा में समुद्रतट के पास परीक्षण के तौर पर तेजस से इस मिसाइल को दागा गया जो अपनी सभी परिचालन जरुरतों पर खरा उतरा। इससे पहले तेजस को सैन्य हथियारों और अन्य मिसाइलों से लैस करने की मंजूरी दी गई थी।भारतीय वायुसेना ने ४० तेजस मार्क-१ संस्करण का आर्डर दिया था। वायुसेना ने फिर दिसंबर में करीब ५०,००० करो़ड रुपए की लागत से ८३ और तेजस की खरीद के लिए एचएएल को अनुरोध प्रस्ताव दिया था। अधिकारियों का कहना है कि बीवीआर मिसाइल के सफल परीक्षण से इस विमान को अंतिम परिचाल मंजूरी मिलने में तेजी आएगी। उसे सरकारी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की एयरोनॉटिक्स डेवलपमेंट एजेंसी ने मिलकर तैयार किया है। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, हल्के जंगी विमान ने मारक क्षमता में विस्तार तथा अपने सुरक्षित परिचालन को प्रदर्शित करने के लिए हवा से हवा में मार करने वाली डर्बी बीवीआर मिसाइल को सफलतापूर्वक दागा। उसे कल गोवा में समुद्रतट के पास एलसीए से दागा गया। एलसीए की कमान विंग कमांडर सिद्धार्थ सिंह के हाथों में थी। इस परीक्षण से पहले मिसाइल पृथक्करण लक्षणों का गहन अध्ययन किया गया।रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने तेजस को विश्वस्तरीय विमान बनाने के लिए डीआरडीओ और अन्य एजेंसियों को बधाई दी।

LEAVE A REPLY