चेन्नई/दक्षिण भारतराष्ट्रीय योग्यता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) परीक्षा में विफल रहने के कारण राज्य के तिरुवनमलै जिले की एक छात्रा ने सोमवार की रात जहर खाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार को देश भर में नीट परीक्षा परिणामों की घोषणा की गई थी। छात्रा के अभिभावकों ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि छात्रा नीट परीक्षा मंे कुल ७२० अंकों में से सिर्फ ३९ अंक ही प्राप्त कर पाई और इससे वह दु:खी थी। इस परीक्षा में कम अंक आने के कारण ही उसने आत्महत्या करने का यह गंभीर कदम उठा लिया। छात्रा की पहचान क ेएस प्रतिभा के रुप में की गई है और वह जिले के जिंजी नामक स्थान की रहने वाली थी।झ्श्न्यत्रद्नय् द्धद्मद्मय् घ्य्ब्त्रर्‍ त्र्र्‍ ठ्ठणय्स्र€ट्टद्यप्रतिभा के परिवार के सदस्यों ने पत्रकारों से कहा कि वह मेडिकल की पढाई करके डॉक्टर बनना चाहती थी और इसके लिए वह काफी मेहनत भी कर रही थी। सोमवार को जब नीट परीक्षा के परिणामों की घोषणा की गई उसी समय प्रतिभा मात्र ३९ अंक प्राप्त करने की जानकारी मिलने के बाद से ही निराश हो गई थी। परिणाम सामने आने के बाद प्रतिभा ने रोना शुरु कर दिया जिसके बाद उसके माता-पिता ने उसे समझाने की भी कोशिश की। माता-पिता के समझाने के बाद प्रतिभा ने रोना बंद कर दिया और घर के कमरे में अकेले चल गई और शाम तक अकेले ही बैठी रही।अभिभावकों ने प्रतिभा को समझाने की कोशिश कीप्रतिभा के मां-पिता को ऐसा लगा कि कम अंक पाने के कारण उनकी पुत्री को दु:ख हुआ है और उनके द्वारा अपनी बेटी को समझाने के बाद वह समझ गई है। सोमवार की रात प्रतिभा ने अपने मां और पिता के कहने पर भोजन भी किया और सोने के लिए चली गई लेकिन देर रात उसने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार की सुबह जब प्रतिभा नहीं जगी तो उसकी मां उसे जगाने गई लेकिन उसने देखा कि उसका शव बिस्तर पर प़डा है और उसके मुंह से झाग निकल रहा है।शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गयाप्रतिभा की मां की रोने की आवाज सुनने के बाद आस प़डोस के लोग उसके घर पहुंचे। इसके बाद छात्रा के माता-पिता ने पुलिस को इस बात की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए विल्लीपुरम सरकारी अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने बताया कि पुलिस को प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि यह आत्महत्या करने का मामला है हालांकि पुलिस को मृत छात्रा के कमरे से किसी प्रकार का सुसाइड नोट नहीं मिला है।पिछले वर्ष भी घटी थी इस प्रकार की घटनागौरतलब है कि इसी प्रकार की एक अन्य घटना में सोमवार को नीट परीक्षा देने वाले विद्यार्थी ने नई दिल्ली के द्वारका सेक्टर-१२ की इमारत की एक बिल्डिंग की आठवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह पहला ऐसा मामला नहीं है। पिछले वर्ष भी तमिलनाडु की अनीता नामक एक छात्रा ने नीट परीक्षा में सफल नहीं होने के बाद आत्महत्या कर ली थी। राज्य के अरियालूर की रहने वाली १७ वर्षीया अनीता ने नीट को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका भी दायर की थी और केन्द्र सरकार द्वारा तमिलनाडु को नीट से छूट देने से इंकार किए जाने के कुछ सप्ताह पहले ही उसने अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।राज्य लंबे समय से कर रहा है नीट से छूट देने की मांगज्ञातव्य है कि राज्य की सत्तारुढ अखिल भारतीय अन्ना द्रवि़ड मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) सहित सभी विपक्षी पार्टियां केन्द्र सरकार से राज्य को नीट परीक्षा में छूट देने की मांग कर रहे हैं। राज्य की पार्टियों का कहना है कि नीट परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्न राज्य के बारहवीं बोर्ड के पाठ्यक्रमों पर आधारित नहीं होते इसलिए राज्य के विद्यार्थियों को एक या दो वर्ष के लिए नीट परीक्षा से छूट दे दी जाए। इस अवधि में सरकार द्वारा राज्य बारहवीं बोर्ड का नया पाठ्यक्रम तैयार कर लिया जाएगा जिसे पढने के बाद राज्य के विद्यार्थियों को नीट परीक्षा देने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

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