cyclonic storm titli
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भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव की वजह से उत्पन्न हुआ चक्रवाती तूफान ‘तितली’ ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। हालांकि अभी उसकी रफ्तार कम है। वहीं यह आशंका जताई जा रही है कि गुरुवार को ‘तितली’ की रफ्तार में इजाफा हो सकता है। इसका मतलब है कि तूफान प्रभावित इलाकों में चुनौतियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार को ‘तितली’ की रफ्तार बढ़ने का अंदेशा जताया है।

इसके अनुसार, संबंधित इलाकों में हवाओं की रफ्तार 145 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तूफाने के खतरे के मद्देनजर 11 और 12 तारीख को स्कूलें बंद रहेंगी। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की और तूफान से निटपने के लिए आवश्यक तैयारियों का जायजा लिया।

‘तितली’ तूफान की वजह से रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। खुर्दा रोड और विजियानगरम के बीच रात 10 बजे से रेल सेवाएं रोकने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा हावड़ा-खड़गपुर की ओर आने वाली रेल भी शाम को भद्रक से आगे नहीं जाएंगी। अगले आदेश तक इन्हें यहीं रोका जाएगा।

मौसम विभाग की सूचना के अनुसार, ‘तितली’ तूफान ओडिशा के गोपालपुर से करीब 530 किमी दूर दक्षिण पूर्व में आ चुका है। वहीं आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्नम से दक्षिण पूर्व की ओर इसकी दूरी 480 किमी थी। आगामी चौबीस घंटों में इसकी रफ्तार कम होने की भी संभावना जताई गई है।

ओडिशा के तटीय क्षेत्रों पर इसका ज्यादा प्रभाव होगा। इससे पैदा हुईं मौसमी परिस्थितियों के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना है। ओडिशा के कई इलाकों में बारिश का रेड अलर्ट जारी हो चुका है। इसके बाद लोग ऐहतियात बरत रहे हैं और अपने परिजनों और रिश्तेदारों से संपर्क में हैं।

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