चेन्नई।जैनसंघ ताम्बरम की ओर से आयोजित जैन एकता सम्मेलन का भव्य आयोजन तेरापंथ सम्प्रदाय के वरिष्ठ संत ज्ञानेंद्र मुनि जी ठाणा -5 ,आचार्य विजयरत्नाचल जी ठाणा-2,जैन वर्द्धमान श्रमण संघ की साध्वीश्री धर्मलताजी ठाणा -3 के सानिध्य में हुआ। तपस्वी संत मुनि ज्ञानेंद्र कुमारजी ने कहा कि भगवान महावीर का दर्शन विश्व के लिए कल्याणकारी है। अहिंसा अनेकांत अपरिग्रह जैसे अमूल्य सिद्धान्तों  से नक्सलवाद आतंकवाद व भर्ष्टाचार का जड़ से खात्मा किया जा सकता है। संपूर्ण जैन समाज मे एक दूसरे के प्रति गुणग्राहकता प्रमोद भावना का विकास करना चाहिए।अनेकता में एकता ही धर्म को समझने का सार है। आचार्य विजयरत्नाचल जी महाराज ने कहा कि जैन दर्शन आत्मा से परमात्मा की यात्रा का नाम है। आत्मा को जानना समझना और आचरण को उच्च बनाना ही जैन दर्शन का आदर्श है। हमे सभी सम्प्रदायो के प्रति आदर व सम्मान की भावना रखनी चाहिए। इस अवसर पर साध्वी धर्मलताजी व मुनि विमलेशजी का प्रभावी प्रवचन हुआ। मंगलाचरण सुनीता गांधी ने व संचालन संपत जी ग़ांधी ने किया। सभी सम्प्रदायों की अच्छी उपस्थिती रही। आगामी रविवार को भी सभी संतो की सन्निधि में परिवार के साथ कैसे रहें ? विषय पर विशेष प्रवचन का कार्यक्रम रहेगा।

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