varaha avatar statue japan
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टोक्यो/दक्षिण भारत। इन दिनों जापान में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। कई इलाकों में बर्फबारी की वजह से तापमान -25 डिग्री तक जा पहुंचा है। इस मौसम में यहां नायोरो शहर में अंतरराष्ट्रीय बर्फ मूर्तिकला प्रतियोगिता होती है, जिसमें देश-विदेश के प्रतियोगी भाग लेते हैं। इस प्रतियोगिता में भारत के तीन युवाओं ने कामयाबी का परचम लहराया है। उन्होंने भारी बर्फबारी के बीच भगवान के वराहावतार की मूर्ति बनाई, जिसके बाद उन्होंने प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

इन तीन युवाओं के नाम रवि प्रकाश, सुनील कुमार कुशवाहा और रजनीश वर्मा हैं। इन्हें सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं दी जा रही हैं। इनकी टीम का नाम ‘अभ्युदय’ था। बर्फबारी और जोरदार सर्दी के बीच भी ये युवा डटे रहे और करीब 4 मीटर ऊंची यह विशाल प्रतिमा बनाकर प्रतियोगिता के निर्णायकों को चकित कर दिया। जापान में भारतीय संस्कृति की एक झलक पाकर अन्य देशों से आए प्रतियोगियों ने भी इस मूर्ति को सराहा। उन्होंने इसकी तस्वीरें खींचीं और भगवान के अवतार के बारे में जानने की कोशिश की।

जानकारी के अनुसार, इस प्रतियोगिता में 19 साल बाद किसी भारतीय टीम ने शिरकत की और अव्वल आई। प्रतियोगिता में रूस की टीम दूसरे स्थान पर रही। वहीं थाईलैंड की टीम को तीसरा स्थान मिला। यहां 10 देशों से टीमें आई थीं और सबने बेहतरीन प्रस्तुति देने की कोशिश की, लेकिन जब निर्णायकों की दृष्टि वराहावतार की प्रतिमा की ओर गई तो वे भी भारतीय युवाओं के कला-कौशल के मुरीद हो गए।

टीम के सदस्य रजनीश ने बताया कि वे पूर्व में इस तरह की कई प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। उन्होंने जनवरी में चीन में हुई अंतरराष्ट्रीय बर्फ मूर्तिकला प्रतियोगिता में भाग लिया था। वहां तीसरा स्थान प्राप्त किया था। इससे उनका हौसला बढ़ा और जापान में उनकी टीम पहले स्थान पर आई।

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