naxal attack in chhattisgarh
naxal attack in chhattisgarh

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने एक बार फिर हमला किया है। बुधवार को बीजापुर के पास एक आईईडी धमाके में बीएसएफ के चार जवान घायल गए। इसके अलावा डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड और एक आम नागरिक के घायल होने के समाचार हैं। घटनास्थल बीजापुर से करीब सात किमी की दूरी पर बीजापुर घाटी में स्थित है। धमाके के बाद यहां मुठभेड़ भी हुई। इस संबंध में नक्सलरोधी अभियानों के डीआईजी पी. सुंदरराज ने कहा कि घायलों को बीजापुर के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनावों में बाधा डालने के लिए नक्सली कई जगह हमले कर चुके हैं। प्रदेश में 12 नवंबर को पहले चरण के मतदान के बीच भी नक्सलियों ने धमाके किए थे। उस रोज एक मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने सात नक्सलियों को मार गिराया था। इससे पहले भी नक्सली कांकेर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा जैसे इलाकों में घात लगाकर हमले कर चुके हैं। नक्सली धमकी भरे पर्चे लगाकर लोगों को मतदान से रोकने की कोशिश कर चुके हैं। इसके बावजूद यहां वर्ष 2013 के मुकाबले मतदान में इजाफा देखा गया।

जानकारी के अनुसार, बीएसएफ के ये जवान 414 बटालियन के हैं। जवान एक वाहन में सवार होकर जा रहे थे। जब ये भोपालपटनम की तरफ बीजापुर घाटी में पहुंचे तो नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दिया। पहले चरण का मतदान पूरा होने के बाद अब यहां से जवानों को अन्यत्र भेजा जा रहा है। मतदान प्रक्रिया को बाधित करने में नाकाम रहे नक्सली अब जवानों को निशाना बना रहे हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद इस इलाके में अतिरिक्त बल भेजा गया।

गोलियों के सामने जीता लोकतंत्र
छत्तीसगढ़ में पहले चरण के मतदान में 18 सीटों पर वोट पड़े। इनमें से ज्यादातर हिस्सा नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आता है। आंकड़ों के मुताबिक, पहले चरण में 76.28 प्रतिशत मतदान हुआ। वर्ष 2013 में यह 72 प्रतिशत था। डोंगरगांव में 85.15 प्रतिशत मतदान कर लोगों ने नक्सलियों की धमकी को नजरअंदाज किया। हालांकि बीजापुर में मतदान 47.35 प्रतिशत रहा। पहले दौर के मतदान को सफल बनाने के लिए एक लाख से ज्यादा जवान तैनात किए गए थे। अब 20 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान होगा।

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