बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मंगलवार को कहा कि उनका देश अमनपसंद है, लेकिन हम अपनी संप्रभुता से कभी कोई समझौता नहीं करेंगें।जिनपिंग यहां चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के ९० वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में ग्रेट हॉल ऑफ पीपुल में आयोजित एक सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने संबोधन में किसी भी क्षेत्रीय विवाद का उल्लेख किए बिना कहा कि चीन शांति का पक्षधर जरुर है, लेकिन वह किसी के धौंस में नहीं आएगा। सरकारी टेलीविजनों पर लाइव दिखाए जा रहे अपने संबोधन में जिनपिंग ने कहा,‘चीन के लोग शांति से प्यार करते हैं। हम कभी आक्रामकता जैसी कोई पहल नहीं करेंगे , लेकिन हम अपने खिलाफ सभी आक्रमणों का मुकाबला करने और जीतने में कोई कसर नहीं छो़डेंगे।राष्ट्रपति ने कहा, हम कभी भी किसी भी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल को किसी भी समय, किसी भी रूप में, देश के बाहर चीनी क्षेत्र के किसी भी हिस्से को विभाजित करने की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने कहा,किसी को भी उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि हम उस क़डवे फल को निगल लें ,जो हमारी संप्रभुता, सुरक्षा या विकास हितों के लिए हानिकारक है।चीन ने पूर्व और दक्षिण चीन के समुद्रों में क्षेत्रीय विवादों पर क़डा रूख अपनाकर और एक महत्वाकांक्षी सैन्य आधुनिकीकरण की योजना में तेजी लाकर एशिया और विश्व स्तर की ताकतों को परेशान किया है। राष्ट्रपति के ताजा बयान को चीन के इसी रूख के साथ जो़डकर देखा जा रहा है। जिनपिंग के सत्ता में आने के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू किए गए उनके अभियान में सेना भी निशाने पर रहा है। अब तक शु काईहाव, जुओ बाक्सिओंग और जु जुनशान समेत सेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों को भ्रष्टाचार के आरोपों में पदों से हटना प़डा और जेल तक की हवा खानी प़डी। जिनपिंग ने कहा कि पांच साल की क़डी मेहनत के बाद, पीएलए ने सफलतापूर्वक अपने संगठनात्मक और शक्ति संरचना को ‘पुनःनिर्मित‘ किया, साथ ही साथ इसकी सार्वजनिक छवि भी सुधारी। उन्होंने कहा,‘एक मजबूत सेना बनाने के लिए, सशस्त्र बलों पर पार्टी के पूर्ण नेतृत्व का पालन सुनिश्चित होना चाहिए।इस बीच कम्युनिस्ट पार्टी के पांच वर्षीय शासन काल के दौरान सेना के वरिष्ठ पदों पर फेरबदल किए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। चर्चा है कि जिनपिंग इसके जरिए सत्ता पर अपनी पक़ड ब़ढाना चाहते हैं, इसीलिए राष्ट्रपति बार-बार सेना के ऊपर पार्टी का ‘पूर्ण नेतृत्व‘होने पर जोर दे रहे हैं।

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