गांधीनगर। गुजरात विधानसभा में बुधवार को हंगामे, गाली गलौज और माइक तो़ड कर हमले का प्रयास करने के मामले में विधानसभा अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी ने मुख्य विपक्षी कांग्रेस के दो विधायकों प्रदीप दुधात और अंबरीश डेर को तीन साल तथा बलदेवजी ठाकोर को एक साल के लिए निलंबित कर दिया।उपमुख्यमंत्री नीतिन पटेल ने भाजपा विधायक जगदीश पांचाल पर माइक से हमले का प्रयास करने वाले कांग्रेस विधायक प्रदीप दुधात और विधानसभा अध्यक्ष के आसन की ओर अपशब्दों का उच्चारण करते हुए दौ़डने वाले कांग्रेस विधायक अंबरीश डेर को तीन-तीन साल तथा बाद में भाजपा विधायकों को कथित तौर पर धमकी देने वाले कांग्रेस विधायक बलदेवजी ठाकोर को एक साल के लिए सदन से निलंबित करने की मांग करने वाला एक प्रस्ताव सदन में रखा। जिसे श्री त्रिवेदी ने मंजूर कर लिया। उन्होंने कहा कि सत्तापक्ष सजा मांगने में उदार है क्योंकि वह स्वयं पांच साल के निलंबन के पक्ष में थे। इस निर्णय के विरोध में कांग्रेस ने सदन से बर्हिगमन (वाक आउट) कर दिया। कांग्रेस का कहना था कि श्री दुधात से गाली गलौज करने और कांग्रेस विधायकों को धमकी देने वाले भाजपा विधायक जगदीश पांचाल और हर्ष संघवी को भी तीन तीन साल के लिए निलंबित किया जाना चाहिए्। श्री पांचाल ने कहा कि अगर कांग्रेस यह साबित कर दे कि उन्होंने गाली गलौज की है तो वह सदन से त्यागपत्र दे देंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक जीतू वाघाणी ने कहा कि ऐसा कलंकित करने वाले बर्ताव के लिए वह समग्र रूप से कांग्रेस को दोषी मानते हैं्। वह विधायकों को निलंबित करने तथा हर तरह की विधायी कार्यवाही और समितियों से दूर रखने के अध्यक्ष के निर्णय के लिए उनके आभारी है। उधर, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री भरतसिंह सोलंकी ने इस फैसले को अलोकतांत्रिक करार दिया। प्रश्नोेत्तर काल के दौरान जब स्वयंभू संत आसाराम बापू के आश्रम में कई वर्ष पूर्व दो बालकों की कथित बलि के मामले की जांच रिपोर्ट को सदन पटल पर रखने से जु़डा एक प्रश्न दुधात ने उठाया था तभी नीतिन पटेल ने व्यवस्था का प्रश्न उठाया। इस दौरान कांग्रेस विधायक विक्रम माडम ने अध्यक्ष से कुछ कहना चाहा। इसी बीच शोर शराबे के बीच डेर ने अध्यक्ष पर आरोप लगाना शुरू कर दिया। तभी दुधात ने मेज से माइक उखा़ड लिया और पांचाल पर हमले का प्रयास किया हालांकि उन्हें चोट नहीं आयी। शोर शराबे के बीच डेर अध्यक्ष के आसन की ओर तेज तेज बोलते हुए दौ़डने लगे तो सार्जेंट ने उन्हें काबू में किया। अध्यक्ष ने श्री माडम को भी दिन भर के लिए सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया। सदन की कार्यवाही भी स्थगित कर दी गयी।

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