गाय का दूध जितना सात्विक होता है, उतना सात्विक दूध किसी का भी नहीं होता। हमारे देश की गायें सौम्य और सात्विक होती हैं, इसलिए उनका दूध भी सात्विक होता है, जिसको पीने से बुद्धि तीक्ष्ण होती है और स्वभाव सौम्य, शांत होता है। विदेशी गायों से दूध तो ज्यादा मिलता है, पर उनके दूध में उतनी सात्विकता नहीं होती तथा उनमें गुस्सा भी ज्यादा होता है। अत: उनका दूध पीने से मनुष्य का स्वभाव भी क्रूर होता है। गाय का दूध जो मनुष्य हमेशा पीते हैं उनके संपूर्ण रोगों का नाश हो जाता है। इसके पीने से भूख शांत होती है तथा जीर्ण ज्वर, रक्त पित्त थकावट आदि का नाश होता है। ग्रीष्मऋतु में गाय के दूध की लस्सी पीने से सिर दर्द तथा नेत्रों की जलन में आराम मिलता है।

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