सिडनी। भारत के १६ साल के विवान कपूर ने यहां चल रहे आईएसएसएफ जूनियर निशानेबाजी विश्वकप में शुक्रवार को कांस्य के रूप में अपना पहला विश्व पदक जीत लिया। युवा निशानेबा़ज ने छह खिलाि़डयों के फाइनल में ३० शॉट्स लगाये। वह ४५ शॉट के फाइनल में ४० शॉट के बाद ही पोडियम फिनिश की तरफ आ गए थे। विवान ने इसी दिन टीम स्पर्धा में भी अपने नाम दूसरा कांस्य पदक किया। विवान, लक्ष्य श्योरण और अली अमान इलाही की तिक़डी ने भारत को टीम स्पर्धा में कांस्य पदक दिलाया। इटली के जूनियर विश्व चैंपियन रजत पदक विजेता और कई जूनियर विश्वकप में पदक जीत चुके मातियो मारोनगियू ने व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण अपने नाम किया और फाइनल शूटऑफ में चीन के यिलियू ओयांग को एक शॉट से हराया जिन्होंने रजत जीता। विवान, लक्ष्य और अली की तिक़डी ने ३२८ के स्कोर के साथ कांस्य जीता। आस्ट्रेलिया ने टीम स्पर्धा में ३३१ के स्कोर के साथ रजत और चीन की टीम ने ३३५ के स्कोर के साथ स्वर्ण जीता। व्यक्तिगत स्पर्धा में विवान ने क्वालिफिकेशन में ११३ के स्कोर के साथ पांचवें नंबर पर रहकर क्वालीफाई किया था और रजत विजेता चीनी खिला़डी से शूटऑफ में दूसरे सर्वश्रेष्ठ खिला़डी रहे। उन्होंने ३५ बर्ड शॉट में से २६ पर निशाना लगाया और चीनी ताइपे के कून पी यांग को पीछे छो़डा जिन्होंने विवान के बराबर ही अंक थे, लेकिन भारतीय खिला़डी उनसे फाइनल में ऊपर स्थान पर रहे जिसने उनके लिए पहला विश्वकप पदक भी सुनिश्चित कर दिया। भारत के सैम जार्ज साजन क्रिस्टोफर रमेश ने पुरूषों के जूनियर ५० मीटर राइफल थ्री पोजिशन स्पर्धा में क्वालिफाइंग में ११४० अंक हासिल किए लेकिन फाइनल में वह ४०२.५ के अंक के साथ छठे स्थान पर रहे और पदक से चूक गए। भारत ने अभी तक विश्वकप में दो स्वर्ण और तीन कांस्य पदक जीते हैं और चीन के बाद दूसरे नंबर पर है जिसके खाते में अभी तक पांच स्वर्ण, एक रजत और तीन कांस्य सहित कुल नौ पदक हैं। भारत के पास शनिवार को जूनियर पुरूष और महिला १० मीटर एयर पिस्टल फाइनल तथा मिश्रित टीम ट्रैप फाइनल स्पर्धाएं होनी हैं।

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