चेन्नई। श्रीलंका के खिलाफ टी२० सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किए गए आलराउंडर वाशिंगटन सुंदर ने अपने क्रिकेट करियर को शानदार रूप देने के लिए पिता और पूर्व काचों का शुक्रिया अदा किया।सुंदर बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं और दाएं हाथ की आफ स्पिन गेंदबाजी करते हैं। उन्हें इस साल के शुरू में आईपीएल १० में राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स में चोटिल रविचंद्रन अश्विन की जगह शामिल किया गया, तब से उन्होंने मु़डकर नहीं देखा और जब भी उन्हें मौका मिला, उन्होंने प्रभावशाली प्रदर्शन किया।वाशिंगटन ने कहा, भारतीय टीम का हिस्सा बनना सपना है। मेरे पिता (सुंदर) और एम सेंथिलनाथन सहित कोचों ने क्रिकेटर के तौर पर मेरा करियर ब़ढाने में ब़डी भूमिका अदा की। तमिलनाडु के १८ वर्षीय क्रिकेटर ने कहा कि वह इस बात से राहत महसूस कर रहे हैं कि आखिर में उन्होंने यो-यो परीक्षण पास कर लिया जबकि दो महीने पहले वह इसमें विफल रहे थे।उन्होंने कहा, मैंने यो यो परीक्षण में विफल होने के बाद क़डी मेहनत की। अब इसे पास कर लिया है, तो मैं ब़डी राहत महसूस कर रहा हूं। वाशिंगटन को नेट में शीर्ष बल्लेबाजों जैसे आरपीएस के कप्तान स्टीव स्मिथ, महेंद्र सिंह धोनी और आईपीएल के सबसे महंगे विदेशी खिला़डी बेन स्टोक्स को गेंदबाजी करने का मौका मिला।उन्होंने अंडर-१९ के कोच राहुल द्रवि़ड की सलाह पर ज्यादा गेंदबाजी करना शुरू किया और अपनी राज्य की टीम तमिलनाडु के लिए इस सत्र में विजय हजारे ट्राफी और देवधर ट्राफी में जीत में अहम भूमिका निभाई।उनके पिता राष्ट्रीय टी२० टीम में उनके शामिल होने से काफी खुश हैं। सुंदर ने अपने मेंटर पी डी वाशिंगटन के नाम पर अपने बेटे का नाम रखा, उन्होंने कहा, पिता और कोच के तौर पर मैं बहुत खुश हूं। प्रत्येक क्रिकेटर अपने देश के लिए खेलना चाहता है। १८ साल की उम्र में राष्ट्रीय टीम के लिए चुना जाना सपना है और मैं वाशी के लिए रोमांचित हूं।

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