नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की संचालन परिषद ने बुधवार को महेन्द्र सिंह धोनी के चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) में लौटने का रास्ता साफ कर दिया जो दो साल का निलंबन पूरा करने के बाद २०१८ चरण से लीग में वापसी करेगी।आईपीएल संचालन परिषद ने यहां बैठक के बाद सीएसके और राजस्थान रायल्स को अपने २०१५ की टीम के खिलाि़डयों को बरकरार रखने की अनुमति दे दी। सीएसके के साथ राजस्थान रॉयल्स को स्पॉट-फिक्सिंग और सट्टेबाजी में कथित तौर पर लिप्त होने के आरोप में दो साल के लिए निलंबित किया गया था। धोनी पिछले दो सत्र में पुणे सुपरजायंट्स (आरपीएस) की ओर से खेले थे।बीसीसीआई के कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी ने बैठक के बाद बयान में कहा, आईपीएल फ्रेंचाइजी टीम खिलाि़डयों को (नीलामी पूर्व) रिटेन करने और राइट टू मैच (नीलामी के दौरान) दोनों के तहत पांच क्रिकेटरों को सुरक्षित रख सकती है। उन्होंने कहा, सीएसके और राजस्थान रॉयल्स के पास खिलाि़डयों को बरकरार रखने और राइट टू मैच के लिए उन खिलाि़डयों का पूल उपलब्ध होगा जो २०१५ में क्रमश: उनकी टीम के लिए खेले थे तथा जो २०१७ आईपीएल में आरपीएस या गुजरात लायन्स की टीम में शामिल थे। राइट टू मैच का मतलब पुरानी फ्रेंचाइजी सबसे ज्यादा बोली पाने वाले खिला़डी को अपने साथ जो़ड सकती है।सीएसके और राजस्थान रॉयल्स को २०१३ में स्पॉट फिक्सिंग का आरोप लगने के बाद निलंबित कर दिया गया था। इस प्रकरण में ने लीग को पूरी तरह झकझोर दिया था जिसमें खिलाि़डयों के साथ दोनों फ्रेंचाइजी के शीर्ष अधिकारी भी शामिल थे।संचालन परिषद ने आईपीएल टीमों के लिए अगले चरण से वेतन बजट को ६६ करो़ड रुपए से ब़ढाकर ८० करो़ड रुपए कर दिया है।बीसीसीआई ने कहा, प्रत्येक सत्र में फ्रेंचाइजी को वेतन बजट की न्यूनतम ७५ प्रतिशत रकम खर्च करनी होगी।

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