दुबई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुशी को सबसे ब़डी दौलत बताते हुए रविवार को कहा कि मनुष्य के लिए विकास का लक्ष्य खुशी को ही हासिल करना है और तकनीक के सहारे हमारी हर कोशिश उसी के लिए होनी चाहिए। वर्ल्ड गवर्न्मेंट समिट २०१८ को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, मानव के अस्तित्व का लक्ष्य केवल प्रगति करना ही नहीं है बल्कि आनंद पैदा करना है। आनंद सबसे ब़डी दौलत है। उन्होंने इस बार ’’६आर’’ का मंत्र देते हुए रहा कि आज के समय में इस रास्ते पर छह महत्त्वपूर्ण कदम हैं। मोदी ने छह आर यानी रिड्यूस, रीयूज, रीसाइकल, रिकवर, रीडिजाइन और रीमैन्युफैक्चर की बात की। उन्होंने कहा कि इन छह कदमों से हम जिस मंजिल पर पहुंचेंगे वह आनंद की होगी। दुबई को दुनिया के लिए एक उदाहरण बताते हुए मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी ने एक रेगिस्तान को बदल दिया, यह चमत्कार है। उन्होंने कहा, तकनीक ने सोचने की गति को बदला है। तकनीक ने आम आदमी को मजबूत बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार ने करीब ४०० सरकारी योजनाओं के तहत आधार से जु़डे प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिये ५६ हजार करो़ड रुपए की बचत की है। मोदी ने अर्थव्यवस्था की वृद्धि में प्रौद्योगिकी की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने कहा कि भारत में एक समान कर प्रणाली यानी माल एवं सेवा कर (जीएसटी) सिर्फ आधार की वजह से संभव हो पाई है। वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट में मुख्य वक्ता के तौर पर अपने भाषण में मोदी ने कहा कि सरकार के ई-मार्केट कार्यक्रम जीईएम के जरिये काफी कम समय में ४,५०० करो़ड रुपए के लेन-देन हुए हैं। उन्होंने कहा कि जीईएम के जरिये छोटे से छोटे व्यापारी भी अपना सामान बेच सकते हैं।

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