ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को भ्रष्टाचार के एक मामले में पांच साल की सश्रम कारावास की गुरुवार को सजा सुनाई गई। ७२ वर्षीय मुख्य विपक्षी नेता के लिए यह एक तग़डा झटका है क्योंकि उन्हें दिसंबर में होने वाला अगला आम चुनाव ल़डने के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है। ढाका की विशेष अदालत ने तीन बार प्रधानमंत्री रहीं जिया को २.१ करो़ड टका (करीब २५०,००० डॉलर) के विदेशी चंदे के गबन के सिलसिले में यह सजा सुनाई। दरअसल, यह रकम जिया ओरफनेज ट्रस्ट के लिए थी। इस ट्रस्ट का नाम उसके दिवंगत पति जियाउर रहमान के नाम पर रखा गया था। इसी फैसले में जिया के भगो़डे ब़डे बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तारिक रहमान को भी सजा सुनाई गई है। उन पर उनकी गैर मौजूदगी में मुकदमा चला। रहमान और चार अन्य को १०-१० साल कैद की सजा सुनाई गई है। न्यायाधीश मोहम्मद अख्तरजुम्मा ने फैसला सुनाते हुए कहा, आरोपियों के खिलाफ यह मामला संदेह से परे जाकर साबित हुआ। यह मामला जिया के खिलाफ लंबित दर्जनों मामलों में एक है जो दशकों तक प्रधानमंत्री शेख हसीना की प्रतिद्वंद्वी रहीं। जिया अदालत में क़डी सुरक्षा के बीच पेश हुईं। वह सफेद सा़डी पहने हुई थीं। जिया को सश्रम कारावास की सजा सुनाते हुए न्यायाधीश ने कहा कि कम अवधि की कैद की सजा उनके स्वास्थ्य और सामाजिक दर्जे को ध्यान में रखकर सुनाई गई है। उन्होंने ६३२ पन्ने के अपने फैसले का संक्षिप्त संस्करण प़ढकर सुनाया। उस वक्त अदालत में बीएनपी के कई नेता मौजूद थे। अदालत ने यह भी कहा कि बचाव पक्ष ने सुनवाई में बाधा डालने का भरसक प्रयास किया और उसने ३५ मौकों पर अदालत बदलने की मांग की। अन्य दोषियों में पूर्व सांसद काजी सलीमुल हक कमाल, व्यापारी शरफुद्दीन अहमद, प्रधानमंत्री की पूर्व सचिव कमाल उद्दीन सिद्दिकी और उनके भतीजे मोमिनुर रहमान हैं। पूर्व सैन्य तानाशाह से नेता बने एचएम इरशाद के बाद भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराई गई जिया दूसरी शासनाध्यक्ष हैं।

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