watching tv
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नई दिल्ली। अपने आविष्कार के साथ ही 21वीं सदी में दस्तक देने तक टेलीविजन ने कई दौर देखे। कभी अमेरिका और यूरोप के अमीर घरों की शान समझे जाने वाला टीवी बाद में भारत के घर-घर तक पहुंचा। इसका आकार-प्रकार बदला और प्रसारित होने वाले कार्यक्रम भी। नब्बे के दशक में टीवी के दर्शकों की संख्या तेजी से बढ़ी और आज यह करोड़ों में जा पहुंची है, मगर अब टीवी के भविष्य को लेकर कई सवाल पैदा हो रहे हैं। उन्हीं में से एक है- क्या आने वाले दौर में टीवी खत्म हो जाएगा?

यह सवाल आज हास्यास्पद लग सकता है, लेकिन मौजूदा दौर में जो संकेत मिल रहे हैं उन पर गौर करें तो ऐसी संभावनाओं को बल मिलता है कि भविष्य में टीवी के उस स्वरूप की भूमिका बहुत सीमित हो जाएगी, जिसका हम आज इस्तेमाल कर रहे हैं। आखिर इसकी वजह क्या है?

स्मार्टफोन से होगी टीवी की जंग?
पिछले दो साल में देशभर में स्मार्टफोन यूजर्स की तादाद तेजी से बढ़ी है। नए-नए स्मार्टफोन और उनकी कीमतें नई पीढ़ी को आकर्षित करती हैं। इसके अलावा इंटरनेट तक आसान पहुंच ने यूट्यूब और दूसरी वीडियो वेबसाइट्स के यूजर्स की संख्या में भारी इजाफा कर दिया। अगर हम 10 साल पुरानी तस्वीर की आज से तुलना करें तो पाएंगे कि तकनीकी ने हमारी ज़िंदगी को काफी हद तक बदला है और यह बदलाव जारी है। टीवी भी इससे अछूता नहीं रहेगा।

याद है वो बीता दौर?
पिछली सदी के अस्सी और नब्बे के दशक तक पूरा परिवार साथ बैठकर टीवी देखा करता था। इक्कीसवीं सदी के शुरुआती 10 सालों तक यह क्रम कमोबेश जारी रहा। बाद में इंटरनेट की व्यापक पहुंच ने यह तस्वीर बदल दी। अब एक ही घर में कई स्मार्टफोन आसानी से मिल जाते हैं। उन पर इंटरनेट के जरिए वीडियो कंटेंट खूब देखा जा रहा है। रात को खाना खाने के बाद परिजनों से बातचीत और साथ टीवी देखने का चलन धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है। वह समय अब स्मार्टफोन की भेंट चढ़ जाता है। इसकी एक और वजह हो सकती है। चूंकि सामूहिक रूप से टीवी देखने पर कई बाध्यताएं होती हैं, जबकि स्मार्टफोन के साथ ऐसा नहीं है। यहां आप अपनी मर्जी से जब चाहें बदलाव कर सकते हैं। टीवी पर आपको वही देखना पड़ता है जो दूसरे सदस्य देख रहे होते हैं।

ऐसे में स्मार्टफोन ने पसंद-नापसंद का खासा फायदा उठाया। उदाहरण के तौर पर, रात को आठ बजे जब ​परिवार के सभी सदस्य इकट्ठे होते हैं तो उसी वक्त सास-बहू के सीरियल, समाचार, फिल्में वगैरह अलग-अलग चैनलों पर प्रसारित होती है। परिवार में सभी लोगों की पसंद एक जैसी नहीं होती। इसलिए टीवी का एक दर्शक वर्ग स्मार्टफोन की ओर जाना पसंद करता है।

प्रभावित हो सकता है टीवी का दर्शक
मौजूदा दौर को देखकर आसानी से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि भविष्य में स्मार्टफोन के प्रति आकर्षण और बढ़ेगा। इसका सीधा-सा मतलब है टीवी के दर्शकों की संख्या में कमी। हालांकि अब भी ऐसे यूजर्स की बहुत बड़ी तादाद है जो स्मार्टफोन पर वही कार्यक्रम देखते हैं जो टीवी पर प्रसारित होते हैं। दर्शकों का मोबाइल की ओर पलायन टीवी के लिए भविष्य में कई चुनौतियां पैदा कर सकता है।

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