नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने आरोप लगाया कि उनके साथ बदसलूकी मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की मौजूदगी में की गई तथा उन्हें बचाने का किसी ने प्रयास नहीं किया। प्रकाश ने दिल्ली पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि यह पूर्व नियोजित तथा षडयंत्र के तहत किया गया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जिस समय उनके साथ ’’धक्का मुक्की’’ की गई उस वक्त वहां पर केजरीवाल के अलावा अन्य कई लोग मौजूद थे लेकिन उनमें से किसी ने भी उन्हें बचाने की कोशिश नहीं की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और करीब ११ विधायक मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने मुझे बताया कि ये लोग विधायक हैं और सरकार के तीन साल पूरा होने के मौके पर प्रचार कार्यक्रम के संबंध में आए हैं। शिकायत में कहा गया, एक विधायक ने दरवाजा तेजी से बंद कर दिया। मैं विधायक अमानतुल्लाह खान और एक अन्य व्यक्ति के साथ तीन सीट वाले सोफे पर बैठा था। मुख्यमंत्री ने मुझे विधायक को जवाब देने के लिए कहा कि टेलीविजन प्रचार में क्यों देरी हो रही है? इस पर मैंने कहा कि अधिकारी उच्चतम न्यायालय के सरकारी विज्ञापनों पर दिए गए दिशा-निर्देशों से बंधे हुए हैं। उन्होंने लिखा है इतना कहने पर वह मेरे ऊपर जोर-जोर से चिल्लाने लगे और गालियां दीं और आरोप लगाया गया कि नौकरशाह सरकारी प्रचार के लिए पर्याप्त काम नहीं कर रहे हैं। एक विधायक ने जिसकी मैं पहचान कर सकता हूंं, ने मुझे धमकी दी और कहा कि वह टेलीविजन विज्ञापन के लिए मान जाए अन्यथा उन्हें पूरी रात इसी कमरे में बंद रखा जाएगा। उन्होंने कहा, मुझे अनुसूचित जाति और जनजाति के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। विधायक बहुत आक्रमक थे और मुझे जान से मारने की धमकी तक दी। इसके बाद अचानक अमानतुल्लाह खान और एक अन्य व्यक्ति जो मेरी बाईं तरफ था मुझे मारना और गाली देनी शुरू कर दी और मुझे कई थप्प़ड मारे गए। मेरे सिर पर भी मुक्का मारा गया। मेरा चश्मा जमीन पर गिर गया। मुझे बहुत सदमा लगा। उन्होंने कहा, ब़डी मुश्किल से मैं कमरे से बाहर आने में कामयाब हो सका और कार में बैठकर गया। उन्होंने कहा मेरा अनुरोध है कि यह पूरा मामला पूर्व नियोजित और साजिश के तहत किया गया।

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