बेंगलूरु/दक्षिण भारतपांच दिन बाद होने जा रहे विधानसभा चुनाव में अपनी संभावना के बारे में जनता दल (एस) का असमंजस खुलकर सामने आ गया है। अब तक चुनाव नतीजों की घोषणा होने के बाद अपने ’’किंग’’ बनने का दावा करते आ रहे इस दल का आत्मविश्वास सोमवार को कुछ ढलान पर नजर आया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व में भाजपा के साथ मिली-जुली सरकार के मुख्यमंत्री रहे एचडी कुमारस्वामी ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर चुनाव के बाद त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बनती है तो उनकी पार्टी किसी अन्य पार्टी के साथ समझौते के तहत सरकार गठित करने का प्रयास करेगी। बहरहाल, उन्होंने इसके साथ ही एक पूर्वशर्त यह भी जो़ड दी कि सत्ता में भागीदारी करने वाली पार्टी को जनता दल (एस) के घोषणापत्र को अक्षरश: लागू करने का वादा करना होगा। झ्य्ट्टर्‍श्च फ्žय्य् द्बष्ठ्र ृय्ंश्च त्रह् ्य·र्ैंफ्य्द्मह्र ·र्ैंय् ·र्ैंज्श्च द्बय्र्ड्डैं आज यहां जनता दल (एस) का ६३ पन्नों का घोषणापत्र जारी करने के बाद कुमारस्वामी ने वादा किया कि अगर उनकी पार्टी राज्य की सत्ता में आती है तो २४ घंटों के अंदर राज्य के किसानों के कंधे से कर्ज का बोझ पूरी तरह से उतार दिया जाएगा। चाहे किसानों ने सहकारी संस्थानों या सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों या निजी बैंकों से कर्ज लिया हो, उनके कर्जे निश्चित रूप से माफ कर दिए जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही घोषणापत्र में अन्य कई वादे किए हैं। इनमें ६५ वर्ष या अधिक उम्र के हर नागरिक को मासिक ६ हजार रुपए की पेंशन देने, मुफ्त अंग प्रत्यारोपण की सुविधा देने, गर्भवती महिलाओं और नए शिशु की माताओं को प्रति माह २ हजार रुपए का मानदेय देने और किडनी के मरीजों के लिए डायलिसिस पर आने वाले खर्च का पूर्ण भुगतान राज्य सरकार की तरफ से करने जैसे वादे शामिल हैं। पार्टी ने वादा किया है कि राज्य में सबके लिए शिक्षा नि:शुल्क होगी और निजी स्कूलों और कॉलेजों में भारी चंदा देकर बच्चों के प्रवेश के चलन को पूरी तरह से रोक दिया जाएगा। इसमें प्रदेश के १० लाख ऐसे नौजवानों को प्रति महीने ६ से ७ हजार रुपए देने का वादा भी शामिल है, जो राज्य के किसी भी कोने में पौधा रोपण करने में दिलचस्पी लेते हैं्। वहीं, राज्य में पर्यटन के विकास पर विस्तृत काम करने का भी वादा किया गया है। जनता दल (एस) के घोषणापत्र की मानें तो पर्यटन के क्षेत्र में ही राज्य के ५० लाख युवकों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न किए जाएंगे। र्ींर्ींु फ्ष्ठ ःद्भय्ख्रय् फ्र्‍ट्टष्ठ्र ज्र्‍त्रद्मष्ठ ·र्ैंय् ख्रय्प्य् यह घोषणापत्र जारी करते हुए कुमारस्वामी ने दावा किया कि उनकी पार्टी इस वर्ष के चुनाव में २२४ विधानसभा सीटों में से ११३ से अधिक सीटें जीतेगी। उन्होंने चुनाव पूर्व किए गए सर्वेक्षणों के नतीजों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें जनता दल (एस) को मात्र २५ से ४५ सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। वहीं, एक चौंकाने वाली घोषणा करते हुए कुमारस्वामी ने यह भी कह दिया कि अगर वाकई चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद राज्य में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बनती है तो उनकी पार्टी दोनों राष्ट्रीय पार्टियों (कांग्रेस और भाजपा) में से किसी एक के साथ गठजो़ड बनाकर राज्य में सरकार गठित करने का प्रयास करेगी। बहरहाल, इसकी एक पूर्वशर्त यह होगी कि समझौता करने वाली पार्टी जनता दल (एस) के घोषणापत्र में किए गए वादे निभाने की प्रतिबद्धता जताए्। कुमारस्वामी ने कहा, ’’अगर वह (कांग्रेस या भाजपा) मेरे दरवाजे पर चुनाव के बाद किसी समझौते की खातिर आते हैं तो मैं इन वादों के आधार पर उनकी प्रार्थना पर गौर करूंगा। उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (एस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एचडी देवेगौ़डा कई बार यह कह चुके हैं कि अगर उनकी पार्टी को चुनाव में अपने दम पर बहुमत नहीं मिलता है तो उनकी पार्टी कांग्रेस या भाजपा के साथ सत्ता में भागीदारी करने के स्थान पर विपक्ष में बैठना पसंद करेगी। इससे पूर्व चार चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में संकेत दिया गया था कि कर्नाटक चुनाव के बाद राज्य में किसी भी पार्टी को सरकार गठन करने के लिए जरूरी बहुमत नहीं मिलेगा। भले ही कांग्रेस और भाजपा राज्य की पहली और दूसरी पार्टी के तौर पर उभरेगी लेकिन सरकार बनाने के लिए जनता दल (एस) का समर्थन अनिवार्य होगा।

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