बेंगलूरु। कावेरी जल बंटवारे के मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को लेकर मुख्यमंत्री सिद्दरामैया ने ९ मार्च को सर्वदलीय बैठक बुलायी है। हालांकि अदालत के फैसले से कर्नाटक को फायदा ही हुआ है। इस फैसले के बाद राज्य को १४.५ टीएमसी अतिरिक्त पानी मिल रहा है। लेकिन विपक्षी जेडीएस का कहना है कि राज्य को ४५ टीएमसी से अधिक अतिरिक्त पानी मिलना चाहिए।हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (एस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एचडी देवेगौ़डा ने अदालत के फैसले पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के मद्देनजर राज्य सरकार को इस बारे में अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए। गौरतलब है कि अदालत ने कावेरी जल निगरानी बोर्ड बनाने का भी निर्देश दिया है, इसी मुद्दे पर जेडीएस सिद्दरामैया सरकार से अपनी स्थिति साफ करने की मांग कर रही है। देवेगौ़डा का मानना है कि अगर ऐसा कोई बोर्ड बनता है तो कावेरी नदी पर से कर्नाटक के अधिकार छिन जाएंगे।उन्होंने कहा कि पूरे राज्य को १४ टीएमसी फीट और बेंगलूरु के पेयजल के लिए ४ टीएमसी फीट अतिरिक्त पानी पाकर हम उत्सव मना रहे हैं, दरअसल, राज्य को ४० टीएमसी फीट से अधिक अतिरिक्त पानी मिलना चाहिए और अगर केंद्र ने निगरानी बोर्ड बना लिया तो यह राज्य के लिए बहुत ही घातक होगा।

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