घरेलू काम काज करनेवाली महिलाओं की अपेक्षा ऑफिस के कामकाज करने वाली महिलाएं ज्यादा खुश रहती हैं। यह बात एक शोध से सामने आई है। शोध की मानें तो महिलाएं दफ्तर से अधिक घर में तनावग्रस्त होती हैं और दफ्तर के मुकाबले घर के काम को अधिक मुाश्कल मानती हैं। महिलाओं को सुबह उठकर घर के कामकाज, भोजन की तैयारी और पारिवारिक जिम्मेदारी, दफ्तर के कार्यों की अपेक्षा अधिक मुाश्कल लगते हैं। दफ्तर में महिलाएं इसलिए भी खुश महसूस करती हैं क्योंकि वहां उनके काम को सहर्किमयों व बॉस से प्रोत्साहन मिलता है, जो घर के कार्यों के लिए अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिल पाता। समानता भरी जीवनशैली के बावजूद महिलाओं पर घर के कार्यों के ब़डे हिस्से की जिम्मेदारी होती है। शोध के दौरान महिलाओं और पुरूषों की लार का तीन दिन तक प्रतिदिन छह बार टेस्ट किया गया और उनकी लार में मौजूद र्कोटिजोल के स्तर का परीक्षण किया गया, जो तनाव का बायोलॉजिकल मार्वैर होता है। दफ्तर की अपेक्षा घर में महिलाओं के शरीर में र्कोटिजोल का स्तर अधिक पाया गया।

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