बेंगलूरु/दक्षिण भारतकर्नाटक विधान सभा चुनाव के चार दिन पहले फर्जी मतदाता पहचान पत्र का मामला प्रमुखता से उभरा है तथा इस मसले पर कांग्रेस तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच जुबानी जंग शुरू हो चुकी है। मुख्य चुनाव अधिकारी एम संजीव कुमार ने कल देर रात संवाददाता सम्मेलन में इस मामले को उजागर किया। उन्होंने खुलासा किया कि राजराजेश्वरी नगर निर्वाचन क्षेत्र में एक आवास से नौ हजार से अधिक वैध मतदाता पहचान पत्र जब्त किए गए हैं। हाल ही में चुनाव आयोग ने वृहत बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के एक पूर्व कर्मचारी को फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाने के आरोप में पक़डा था तथा इस संबंध में कुछ अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया था। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस ’’घोटाले’’ में भाजपा की पूर्व पार्षद मंजुला नंजमारी के शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, इस मसले पर भाजपा नेता तथा केंद्रीय मंत्री प्रकाश जाव़डेकर राज्य की जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मसले की उच्च स्तरीय जांच कराने की भी मांग की। भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। जावडेकर ने कहा कि नंजमारी ने कई वर्ष पहले ही भाजपा से अलग हो चुकी हैं। उन्होंने कहा,चुनाव आयोग की छापेमारी के दौरान ये सारी चीजें बरामद हुईं हैं तथा उन्होंने प्राथमिकी भी दर्ज की है। कांग्रेस भाजपा पर निशाना साधने के लिए झूठ बोल रही है।रिपोर्टों के मुताबिक बेंगलूरु स्थित राजराजेश्वरी नगर क्षेत्र में एक उस घर में नंजमारी का दत्तक पुत्र राकेश किराये पर रहता था जिसने बीबीएमपी के गत चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव ल़डा लेकिन हार गया था। कांग्रेस और भाजपा ने एक-दूसरे पर चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के गंभीर आरोप लगाये हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जब्त किये गये तमाम मतदाता पहचान पत्र फर्जी हैं या फिर असली। पर भाजपा के साथ-साथ जनता दल (सेक्युलर) ने राजाराजेश्वरी नगर निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव स्थगित करने की मांग की है। इस क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार मुनिरत्ना फिर से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। संजीव कुमार ने कहा कि उत्तरी बेंगलुरु के जलाहल्ली स्थित एसएलवी पॉर्क व्यू अपार्टमेंट में एक फ्लैट से ९७४६ वैध मतदाता पहचान पत्र बरामद किये गये। वह फ्लैट मंजुला नंजमारी के नाम से है जिसे उन्होंने राकेश नामक युवक को किराये पर दे रखा था। उन्होंने बताया कि सभी मतदाता पहचान पत्र झुग्गियों में रहने वाले लोगों के हैं। उन्होंने बताया कि सभी पहचान पत्रों को मोबाइल ऐप्प के जरिये मिलान किया गया तो सभी असली पाये गये। चुनाव आयोग ने फ्लैट से पांच लैपटॉप और एक प्रिंटर भी जब्त किया है। उन्होंने कहा, इस मामले में आयोग को मौजूदा विधायक की भूमिका संदिग्ध लगती है क्योंकि पानी के कनस्तरों तथा अन्य स्थानों पर विधायक के स्टिकर लगे मिले हैं।आयोग के अधिकारियों ने मतदाता सूची में नये नामों के जो़डने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फॉर्म ६ की पावती पर्ची जैसा दिखने वाले एक लाख से अधिक काउंटरफिल ्ट्रिरप्स के साथ दो विशाल ट्रंक भी बरामद किये हैं जिन पर फोटोग्राफ और प्रिंटेड संख्या हैं जो आधिकारिक रूप से उपलब्ध फॉर्म से अलग है। आधिकारिक फार्म पर मुद्रित संख्याएं नहीं हैं।उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में पाया गया कि सभी मतदाता पहचान पत्र असली मतदाताओं से संबद्ध है तथा प्रथम दृष्ट्या सभी असली हैं। हालांकि जांच के बाद ही सभी हस्ताक्षरों की पहचान की जा सकेगी।

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