बेंगलूरु/दक्षिण भारत कर्नाटक विधानसभा चुनाव में शनिवार को पांच करो़ड मतदाताओं में से ७० प्रतिशत से अधिक ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। छिटपुट घटनाओं को छो़डकर मतदान शांतिपूर्ण रहा। राज्य में वर्ष २०१३ के विधानसभा चुनाव में ७१.४५, वर्ष २०१४ के लोकसभा चुनाव में ६७.८ प्रतिशत और २००८ के विधानसभा चुनाव में ६४.६८ प्रतिशत वोट प़डे थे। आज हुए विधानसभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत अभी तक के चुनावों के प्रतिशत से ज्यादा रहने की उम्मीद है। राज्य में गर्म मौसम को देखते हुए चुनाव आयोग ने मतदान का समय एक घंटे तक ब़ढाया था। मतों की गणना १५ मई को की जाएगी। कर्नाटक विधानसभा की २२४ में से २२२ सीटों के चुनाव में मतदान की सुबह धीमी शुरुआत ने सूरज च़ढने के साथ-साथ रफ्तार पक़डनी शुरू की और शाम होते-होते अच्छे-खासे वोट प़ड गये। मुख्य निर्वाचन कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराये गये आक़डों के अनुसार १२ बजे तक मतदान का प्रतिशत २५-३० के आसपास पहुंच गया था। अपराह्न दो बजे तक यह ब़ढकर ४५ प्रतिशत पर आ गया और मतदान के एक घंटा पहले तक मतदान का आंक़डा ६५ प्रतिशत पर पहुंच गया था। पहली बार मतदान कर रहे १८-१९ वर्ग के मतदाताओं में वोट डालने के लिए खासा उत्साह देखा गया। राज्य के बहुत से निर्वाचन क्षेत्रों ने महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा रहा। चुनाव में इस बार १५ लाख ४२ हजार नये मतदाता शामिल हुए जो वर्ष २०१३ की तुलना दोगुने से ज्यादा है। कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार ने कहा, मोटे तौर पर मतदान शांतिपूर्ण रहा। हेब्बाल निर्वाचन क्षेत्र में लोटेगोल्लाल्ली मतदान केंद्र पर ग़डब़डी के कारण यहां दोबारा चुनाव का आदेश दिया गया है। कुल १६४ मतदान इकाइयों, १५७ नियंत्रण इकाइयों और ४७० वीवीपीएटी मशीन में यांत्रिक समस्याएं आयी लेकिन इनको तुरंत बदल दिया गया। इससे मतदान प्रभावित नहीं हुआ। मतदान में कुछ ग़डब़डी की शिकायतें मिलीं और प्रशासन इसकी जांच करेगा।

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