बेंगलूरु/भाषाकर्नाटक के निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्दरामैया बुधवार को पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार पर बोलते हुए भावुक हो गए। वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हार के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। ६९ वर्षीय नेता को कांग्रेस के कई वरिष्ठ विधायकों की आलोचना का सामना करना प़डा। उन्होंने उम्मीदवारों के चयन एवं लिंगायत मुद्दे को लेकर सिद्दरामैया को मिली पूरी छूट का हवाला देते हुए कांग्रेस के प्रदर्शन के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। इसी बीच निवर्तमान सरकार में गृह मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि बैठक में तीन या चार को छो़डकर अधिकतर विधायक मौजूद थे। वे विधायक रास्ते में थे लेकिन सभी विधायक पार्टी के संपर्क में हैं। उन्होंने ११७ विधायकों के अपने (कांग्रेस – जद ( एस ) गठजो़ड ) तरफ होने का दावा करते हुए कहा कि इसके बावजूद अगर राज्यपाल हमें नहीं बुलाते हैं तो हम आगे की राह का फैसला करेंगे, हम विधायकों की परेड भी करा सकते हैं। घटनाक्रम से वाकिफ पार्टी सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक के दौरान अपनी सरकार के अच्छे विकास कार्यों के बावजूद कांग्रेस के हारने की बात करते हुए सिद्दरामैया थो़डे भावुक हो गए। सिद्दरामैया ने १२ मई को हुए चुनाव में ध्रुवीकरण को उन कारकों में से एक बताया जिनसे पार्टी की संभावनाएं प्रभावित हुईं। सूत्रों ने बताया कि बैठक में एक निर्दलीय विधायक सहित ७३ विधायक मौजूद थे। बैठक में शामिल नहीं हुए छह विधायक फोन पर पार्टी नेताओं के साथ संपर्क में थे। दिन में एक होटल में कांग्रेस और जद (एस) की एक संयुक्त विधायक दल की बैठक निर्धारित थी जिसके बाद कांग्रेस नेताओं को शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक रिसोर्ट में भेजा जाना था। गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में खंडित जनादेश आया। १०४ सीटों के साथ भाजपा सबसे ब़डी पार्टी के रूप में उभरी जबकि कांग्रेस के खाते में ७८, जद (एस) के खाते में ३७ और अन्य के खाते में तीन सीटें गईं। रामलिंगा रेड्डी ने भाजपा पर कांग्रेस विधायकों को लुभाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा, वे पहले भी ऐसा कर चुके हैं, फिर से ऐसा करने में लगे हुए हैं लेकिन सफल नहीं होंगे, हम सब साथ हैं और साथ ही रहेंगे।

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