बेंगलूरु/दक्षिण भारतकर्नाटक विधानसभा के नवनिर्वाचित २२२ विधायकों में से ५४ ऐसे हैं जिनके खिलाफ हत्या का प्रयास और अपहरण जैसे संगीन मामले दर्ज हैं। कर्नाटक इलेक्शन वाच और एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (एडीआर) ने राज्य विधानसभा के कल आये २२२ सीटों में से २२१ पर विजयी विधायकों के स्वयं दिए गए हलफनामों की जांच-प़डताल की है। इन विधायकों में एक तिहाई से अधिक ७७ विधायक ऐसे हैं जिनके खिलाफ आपराधिक मामले हैं। करीब एक चौथाई ५४ विधायकों के खिलाफ हत्या के आरोप और अपहरण जैसे संगीन मामले हैं। राज्य विधानसभा में इस बार धनकुबेर विधायकों की बहुतायत है और ९७ प्रतिशत अर्थात २१५ विधायक करो़डपति हैं। विधायकों की औसत संपत्ति ३४.५९ करो़ड रुपए है। आपराधिक छवि वाले भाजपा के विधायकों की संख्या सबसे अधिक है। भाजपा के १०३ विधायकों की जांच-प़डताल में एडीआर ने पाया कि ४१ प्रतिशत अर्थात ४२ विधायक ऐसे हैं जिनके खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज हैं्। इस मामले में कांग्रेस दूसरे नंबर और जनता दल (एस) तीसरे नंबर पर है। कांग्रेस के ७८ में २३ और जेडीएस के ३७ में से ११ विधायक इस श्रेणी के हैं्।भाजपा के २९, कांग्रेस के १७ और जेडीएस के आठ विधायकों के खिलाफ संगीन आपराधिक मुकदमे हैं। कांग्रेस के ११ और जनतादल एस के तीन भाजपा और केपीजेपी का एक-एक विधायक ऐसा है जिनकी संपत्ति १०० करो़ड रुपए से अधिक है। कांग्रेस के होसकोटे सीट से जीते एन नागराजू की कुल संपत्ति १०१५ करोड रुपए से अधिक है। पार्टी के ही कनकपुर से विजयी डी के शिवकुमार और हेब्बाल से जीते सुरेश बी एस माथुर की कुल संपत्ति क्रमश ८४० करो़ड और ४१६ करो़ड रुपए है। सबसे कम संपत्ति भाजपा के कृष्णराज से जीते एस ए रामदास की है। उनके पास करीब ३९ लाख रुपए की कुल संपत्ति है। जद (एस) के श्रीरंगपट्टनम से विजयी ए एस रवीन्द्र और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के कोल्लेगल से जीते एन महेश कुल संपत्ति के मामले में क्रमश दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं्। इनकी कुल संपत्ति क्रमश: ६८ और ७५ लाख रुपए हैं्।कांग्रेस के कनकपुर से विजयी डी के शिवकुमार पर सर्वाधिक देनदारी है। उनके ऊपर २२८ करो़ड रुपए से अधिक का कर्ज है जिसमें से पांच करो़ड रुपए से अधिक का विवादित है। कर्नाटक जदएस अध्यक्ष एच डी कुमारस्वामी के ऊपर १०४ करो़ड रुपए से अधिक की देनदारी है। कुमारस्वामी रामनगरम से विजयी हुए हैं्। कांग्रेस के विजयनगर से जीते एम कृष्णाप्पा के ऊपर ६६ करो़ड रुपए से अधिक का कर्ज है। सोलह विधायकों की उम्र २५ से ४० वर्ष, १३८ की ४१ से ६० और ६४ की ६१ से ८० साल से ऊपर है। तीन विधायकों की उम्र ८० साल से अधिक है। इस बार कर्नाटक विधानसभा में सात महिलाएं जीतकर आई हैं। पिछली विधानसभा के ९४ विधायक फिर से जीतकर आये हैं।

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