बेंगलूरु/भाषाकर्नाटक में सत्ता के लिए रस्साकशी तेज होने के साथ जद (एस)-कांग्रेस गठजो़ड की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार एच डी कुमारस्वामी ने बुधवार को दावा किया कि भाजपा ने उनके विधायकों को तो़डने और सरकार गठन के लिए उनका समर्थन हासिल करने के लिए १०० करो़ड रुपये की रिश्वत की पेशकश की है। हालांकि भाजपा ने आरोप से इनकार किया है।कर्नाटक विधानसभा चुनाव में खंडित जनादेश आने के एक दिन बाद दोनों पक्षों ने सरकार गठन की दौ़ड में एक दूसरे को मात देने के लिए कोशिशें तेज कर दीं और जद (एस) विधायक दल के नेता चुने गए कुमारस्वामी ने भाजपा पर विधायकों की ‘खरीद-फरोख्त’’ का सहारा लेने का आरोप लगाया। उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, भाजपा ने हमारे विधायकों को तो़डने के लिए १०० करो़ड की रिश्वत की पेशकश की है। मैं जानना चाहता हूं कि यह काला धन है या सफेद धन? कुमारस्वामी ने कहा कि यह राज्यपाल का विशेषाधिकार है कि वह किसे सरकार गठन के लिए बुलाते हैं लेकिन विधायकों की संख्या कम होने पर वह (भाजपा) सरकार कैसे बना सकते हैं? एक सवाल के जवाब में उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन सरकार के गठन की संभावना पूरी तरह खारिज कर दी। कुमारस्वामी ने कहा, मैं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के साथ राज्यपाल से मिलने जाऊंगा और सरकार के गठन के लिए औपचारिक रूप से दावा पेश करूंगा। जद(एस) को ३७ सीटें मिली हैं। उधर, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जाव़डेकर ने जद (एस) के आरोप को ‘काल्पनिक’’ बताते हुए उसे खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, १०० करो़ड, २०० करो़ड की बात काल्पनिक है। भाजपा ऐसा नहीं कर रही। हमें विधायकों की खरीद फरोख्त करने की आदत नहीं है। इस तरह की राजनीति जद (एस) और कांग्रेस करते हैं। हम नियमों का पालन करते हुए सरकार का गठन करेंगे।’’हालांकि निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्दरामैया ने भी आरोप दोहराए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विधायकों की खरीद-फरोख्त को ब़ढावा दे रहे हैं ताकि भाजपा सत्ता में आ सके। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, नरेंद्र मोदी विधायकों की खरीद-फरोख्त को ब़ढावा दे रहे हैं। राज्यपाल को हमें (सरकार के गठन के लिए पहला) मौका देना होगा। जब इन रिपोर्टो के बारे में पूछा गया कि कांग्रेस के नवनिर्वाचित ७८ विधायकों में से कुछ विधायक आज पार्टी के विधायी दल की बैठक में शामिल नहीं हुए तो उन्होंने कहा, हम सब एकजुट हैं। गुजरात में राज्यसभा चुनाव से पहले भाजपा द्वारा वहां के कांग्रेस विधायकों को ‘लुभाने’’ से बचाने के लिए कर्नाटक के एक रिसोर्ट में उनकी मेजबानी करने वाले कर्नाटक के मंत्री डी के शिवकुमार ने भी दावा किया कि कथित रूप से गायब बताए गए दो विधायक कांग्रेस के साथ हैं। उन्होंने कहा, नागेंद्र और आनंद सिंह हमारे संपर्क में हैं। सभी ७८ विधायक साथ हैं। अगर हम साथ नहीं होंगे तो लोग हमें पीटेंगे। भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों ने बीएस येड्डीयुरप्पा को अपना नेता चुना। २२४ सदस्यीय विधानसभा में १०४ सीटों के साथ भाजपा सबसे ब़डी पार्टी के रूप में उभरी है। येड्डीयुरप्पा राजभवन गए थे और सरकार के गठन का दावा पेश किया था। उन्होंने बाद में संवाददाताओं से कहा, मैंने राज्यपाल से मुझे यथाशीघ्र शपथ लेने की मंजूरी देने का अनुरोध किया। हमें १०० फीसद यकीन है कि वह जल्द ही कोई फैसला लेंगे। इसी बीच नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायकों ने बैठक कर सरकार गठन की रणनीति पर चर्चा की। कांग्रेस के एक नेता ने बैठक के बाद कहा, हमने सरकार गठन के लिए अपनी रणनीति पर चर्चा की। हालांकि उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक दल के नये नेता के चयन के मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई।

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