बेंगलूरु/दक्षिण भारतकांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास कर्नाटक के विकास के लिए बुनियादी सोच नहीं होने का गुरुवार को आरोप लगाया और कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) राज्य में पांव जमाकर यहां की शांति तथा खुशहाली भंग करना चाहता है और इसकी उसे इजाजत नहीं दी जाएगी। गांधी ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिन यहां आयोजित विशेष संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मोदी के भीतर कर्नाटक के विकास के लिए कोई सोच ही नहीं है। राज्य के विकास का खाका कैसे हो इस बारे में कभी उन्होंने सोचा ही नहीं है इसलिए उन्होंने यहां के किसानों के हित में कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राज्य की सिद्दरामैया सरकार कर्नाटक की बुनियादी जरूरत को समझती है इसलिए किसानों के हित के लिए ८००० करो़ड रुपए का पैकेज दिया गया जबकि मोदी सरकार ने इसके लिए कोई पैसा दिया ही नहीं है। मोदी सरकार पर अपराधियों की मदद करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की जनता का ३५००० करो़ड रुपए डकारने वाले रेड्डी बंधुओं को राहत दी गयी है लेकिन कर्नाटक के सूखा से पीि़डत किसानों के बारे में कोई चिंता नहीं की गयी। संवाददाता सम्मेलन में गांधी के अलावा मुख्यमंत्री सिद्दरामैया, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जी. परमेश्वर, पार्टी के प्रदेश प्रभारी महासचिव के सी वेणुगोपाल, लोकसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी महासचिव वीके हरिप्रसाद, वरिष्ठ नेता मुनियप्पा, चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष डी के शिवकुमार तथा कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख रणदीपसिंह सुरजेवाला भी मौजूद थे।गांधी ने कहा कि आरएसएस कर्नाटक में कब्जा करना चाहता है। उसके लोग यहां की भाषा, संस्कृति और रीति रिवाज को कब्जाना चाहते हैं। इसका लगातार प्रयास किया जा रहा है लेकिन यदि आरएसएस का यहां कब्जा हुआ तो कर्नाटक की शांति और खुशहाली खतरे में प़ड जाएगी इसलिए उसे यहां आने ही नहीं दिया जाएगा। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी मां तथा संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी निश्चित रूप से इटली मूल की हैं लेकिन उन्होंने पूरा जीवन भारत में ही बिताया है। उन्होंने देश के लिए बलिदान किया है। उन्होंने कहा कि यदि मोदी उनके बारे में कुछ कहते हैं और निजी हमला करते हैं तो वह उसे तब्बजु नहीं देते क्योंकि मोदी के पास सबके लिए गुस्सा है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक चुनाव उनकी पार्टी ने एकजुट होकर ल़डा है। अच्छी तरह से चुनाव प्रचार किया है और सरकार की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाया है। लोगों ने भी सरकार की उपलब्धियों को सराहा है जबकि भारतीय जनता पार्टी ने व्यक्तिगत हमलों को महत्व दिया है। उन्हें पूरा भरोसा है कि १५ मई को परिणाम कांग्रेस के पक्ष में होंगे और सिद्दारमैया दोबारा राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।धार्मिक स्थलों में उनकी यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि लोगों के साथ और उनकी आस्था से आत्मसात करना उनकी जिम्मेदारी है और उन्होंने इसका बखूबी निर्वहन किया है। लिंगायत को आरक्षण देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सभी को मौका देना चाहती है जबकि भाजपा भेदभाव के आधार पर काम करती है।

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