नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों की ओर से मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर कथित हमले के मामले में दिल्ली पुलिस की एक टीम शुक्रवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर पहुंची और वहां लगे सीसीटीवी कैमरा सिस्टम का हार्ड डिस्क जब्त कर लिया। पुलिस ने दावा किया कि उसने यह कदम तब उठाया जब मुख्यमंत्री आवास के सीसीटीवी फुटेज मुहैया कराने के उसके अनुरोध को नहीं माना गया।कई पुलिसकर्मी सिविल लाइंस इलाके में केजरीवाल के आधिकारिक आवास पर गए जहां १९-२० फरवरी की दरम्यानी रात मुख्यमंत्री की मौजूदगी में अंशु प्रकाश पर कथित हमला हुआ था। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (उत्तर) हरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने कुल २१ सीसीटीवी कैमरे और एक हार्ड डिस्क की प़डताल की। हार्ड डिस्क जब्त कर लिया गया है और सिस्टम से छे़डछा़ड की गई है कि नहीं, इसका पता फॉरेंसिक जांच से ही लग सकेगा।उन्होंने कहा, हमने २० फरवरी को ही सीसीटीवी कैमरा फुटेज और हार्ड डिस्क की मांग की थी, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया था। इसलिए हमने खुद आकर जांच करने का फैसला किया। सिंह ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री आवास पर रख-रखाव के प्रभारी को पुलिस के दौरे की जानकारी दे दी गई थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि १४ सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे थे जबकि सात काम नहीं कर रहे थे। कथित घटना की अवधि भी ४०.४३ मिनट थी। उन्होंने कहा कि उस कमरे में कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था जहां बैठक के दौरान कथित घटना हुई और कोई फुटेज नहीं मिला। सिंह ने कहा, हमारा मानना है घटना १९ फरवरी की आधी रात से २० फरवरी के त़डके १२:१५ बजे के बीच हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री केजरीवाल और बैठक के दौरान मौजूद रहे विधायकों से पूछताछ की संभावना से इन्कार नहीं किया। सिंह ने कहा, यह कहना अभी मुश्किल है। हम वैज्ञानिक तरीके से काम करेंगे। दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर कथित रूप से हमला करने के मामले में गिरफ्तार किए गए ‘आप’’ के विधायकों अमानतुल्ला खां और प्रकाश जारवाल की जमानत अर्जियों को दिल्ली की एक अदालत ने खारिज कर दिया। हालांकि मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट शैफाली बरनाला टंडन ने पुलिस को उन्हें हिरासत में लेने की अनुमति नहीं दी और कहा कि उनसे हिरासत में पूछताछ का कोई नया आधार नहीं है। अदालत ने गुरुवार को विधायकों को १४ दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था।

LEAVE A REPLY