बेंगलूरु। कर्नाटक को देश-विदेश के पूंजी निवेशकों के लिए सबसे अधिक आकर्षक राज्य बनाने के लिए कर्नाटक औद्योगिक क्षेत्र विकास बोर्ड (केआईएडीबी) की भूमिका को मुख्यमंत्री सिद्दरामैया ने काफी सराहा है। पूंजी निवेशकों के वाणिज्यिक प्रस्तावों को क्रियान्वित करने के लिए राज्य में १६५ औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रविवार को निजी होटलों में केआईएडीबी के पचास वर्ष पूरे होने के जश्न का उद्घाटन किया। उन्होंने इस मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में रोजगार के अवसर उत्पन्न करना उनकी सरकार की प्राथमिकता रही है। इससे राज्य का चौतरफा विकास सुनिश्चित किया जा सकता है। रोजगार के अवसर उत्पन्न करने के लिए उद्योगों की जरूरत होती है और केआईएडीबी राज्य के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने इसके साथ ही जो़डा कि उनकी सरकार ने अब तक के अपने कार्यकाल के दौरान लघु और मध्यम श्रेणी के उद्यमों को व्यापक सुविधाएं देने के लिए कई बेहतरीन पहल की है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कर्नाटक सरकार की नीतियों को उद्योग जगत के अनुकूल माना जाता रहा है। यहां उद्योग जगत के लिए आकर्षक प्रोत्साहन नीतियों पर अमल किया गया है, जिससे अधिक से अधिक संख्या में पूंजी निवेशकों ने कर्नाटक का रुख किया है। इससे राज्य में बेहतर औद्योगिक माहौल उत्पन्न हुआ है। उद्योग जगत को उनकी जरूरत के मुताबिक दक्ष कार्यबल मुहैया करवाने के लिए दक्षता विकास विभाग कई कार्यक्रमों का संचालन कर रहा है। इन कार्यक्रमों के जरिए इस वर्ष ५ लाख युवक-युवतियों को उनकी दिलचस्पी के अनुसार विभिन्न कार्यक्षेत्रों का प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में दलित, महिला और पिछ़डे वर्गों के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष नीतियां अपनाई गई हैं। इनके तहत राज्य में महिला उद्यमियों के लिए ५ विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए गए है। उन्होंने कहा, ’’हम सभी आपस में मिलकर राज्य को हर क्षेत्र में देश का अव्वल बनाने के लिए जिम्मेदार हैं। पिछले ५० वर्षों से राज्य के औद्योगिक विकास के लिए काम कर रहा केआईएडीबी नव कर्नाटक के सृजन की राह में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।’’इस समारोह को संबोधित करते हुए इन्फोसिस टेक्नोलॉजीज के संस्थापक एनआर नारायणमूर्ति ने भी केआईएडीबी की भूमिका की काफी तारीफ की। इन्फोसिस इस समय बेंगलूरु, मैसूरु, मेंगलूरु और हुब्बल्ली में ८०० एक़ड भूमि पर स्थित अपनी इकाइयों में काम कर रही है। यह भूमि कर्नाटक सरकार ने अधिग्रहित की है। आज यह कंपनी भारतीय अर्थतंत्र के वैश्वीकरण में अपनी अहम भूमिका के लिए जानी जाती है। यह देश की सबसे ब़डी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनियों में से एक है। वहीं, वाणिज्य और ग्रामीण विकास मंत्री आरवी देशपांडे ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में औद्योगिक पूंजी निवेश आकर्षित करने और उद्योगों की स्थापना के लिए काफी शोधकार्य की जरूरत है। इससे राज्य में रोजगार अवसरों का आकलन कर उसके अनुरूप औद्योगिक परियोजनाओं को आमंत्रित करने में आसानी होगी। उन्होंने पूरा विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में राज्य में पूंजी निवेश का प्रवाह तेज बना रहेगा और यहां रोजगार के अवसरों में किसी प्रकार की कमी नहीं आएगी।

LEAVE A REPLY