बेंगलूरु/दक्षिण भारत यहां के पार्श्व सुशील धाम में आचार्यश्री मुक्तिसागरसूरीश्वरजी की निश्रा में ग्रीष्मावकाश के उपधान तप आराधना के दूसरे अठारिये का प्रवेश सोमवार को संपन्न हुआ। अभ्युदय उपधान तप समिति के सुरेश बंदामूथा ने बताया कि इस तप आयोजन की पूर्णाहूति पर २८ से ३० मई तक त्रिदिवसीय महोत्सव होगा। महोत्सव से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण च़ढावे संपन्न हुए। उपधान तप के संचालक कनक कुबि़डया ने बताया कि २८ मई को उपधान तप पूर्णाहुति निमित्त १०८ पार्श्वनाथ महापूजन, सांझी तथा मेहंदी वितरण कार्यक्रम संपन्न होगा। २९ मई को प्रातः रथयात्रा के साथ सभी तपस्वियों का वरघो़डा निकाला जाएगा। साथ ही मालारोपण के च़ढावे भी बोले जाएंगे। महोत्सव के समापन दिवस पर ३० मई को सुबह तपस्वियों को माला पहनाने की विधि करवाई जाएगी। वरघो़डा एवं मालारोपण के दोनों दिनों की नवकारसी उपधान तप के लाभार्थियों की ओर से ही रखी जाएगी।

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