विजयपुरा। राज्य विधानसभा चुनाव से पूर्व कांग्रेस के प्रचार की कमान अपने कंधों पर उठा चुके अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हमलावर तेवर अपना लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में महिलाओं और युवा वर्ग की समस्याओं को सुलझाने में मोदी की अगुवाई वाली केंद्र की राजग सरकार पूरी तरह नाकाम रहीे है। उन्होंने कहा, ’’किसानों और युवा वर्ग की समस्याएं सुलझाने में पूरी तरह नाकाम रही मोदी सरकार उद्योगपतियों के आगे आसानी से झुक गई है।’’ वह आज यहां स्थित मुलव़ड इलाके में ’’जन आशीर्वाद’’ रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत कन्ऩड भाषा में ’’शरणु शरणार्थी’’ (मैं जनता के आगे सिर झुकाता हूं) कहकर की। राहुल ने कहा कि कर्नाटक में आज भी १२वीं शताब्दी के संत और समाज सुधारक बसवेश्वर के अनुयायियों की संख्या अधिक है। उनसे कर्नाटक की सरकार को अहिंसा का सिद्धांत मिला है। उन्होंने कहा कि जिस समय भाजपा शासित गुजरात में आर्थिक रूप से बदहाल तबकों के विद्यार्थियों की शिक्षा एक ब़डी समस्या बनी हुई है, वहां कर्नाटक में हर तबके के विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री सिद्दरामैया की अगुवाई वाली सरकार ने मुफ्त शिक्षा उपलब्ध करवाई है। राज्य सरकार द्वारा किसानों के ऋण माफ किए जाने का संदर्भ लेते हुए राहुल ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर कर उद्योगपतियों के कर्ज माफ करती है। उसके पास किसानों के ऋण माफ करने के लिए पैसों की कमी हो जाती है। अपने संबोधन के बीच राहुल गांधी ने अचानक से अपना भाषण थो़डी देर के लिए रोक दिया। उनका संकेत था कि किसानों के ऋण माफ करने, देश के युवा वर्ग को रोजगार देने के मामलों पर केंद्र सरकार ने चुप्पी साध रखी है। उन्होंने कहा कि देश में पिछले तीन वर्षों से सूखे की स्थिति बनी होने के कारण किसानों ने केंद्र सरकार से अपना कर्ज माफ करने की अपील की थी लेकिन मोदी ने उनकी अपील पर कोई ध्यान तक नहीं दिया। दूसरी ओर, कॉर्पोरेट जगत के लाखों करो़ड रुपए के कर्ज की राशि तुरंत माफ कर दी गई। यह रकम किसानों द्वारा लिए गए कुल कर्ज के दुगने या तिगुने से भी अधिक थी। राहुल ने मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि देश ने मोदी से अधिक झूठ बोलने वाला इन्सान पहले कभी नहीं देखा। जब भी किसानों और युवा वर्ग की समस्याओं के बारे में कोई उनसे सवाल पूछता है तो वह चुप्पी साध लेते हैं्। जब वह किसी सवाल का जवाब देते हैं तो सिर्फ इस फिराक में कि उसके आस-पास से सुविधाजनक ढंग से निकल जाया जाए्। वह किसी समस्या को सुलझाने के लिए व्यावहारिक ढंग से कभी प्रयास नहीं करते। वहीं, जन आशीर्वाद रैली में मौजूद मुख्यमंत्री सिद्दरामैया ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधते हुए मांग की कि वह राष्ट्रीयकृत बैंकों से किसानों द्वारा लिए गए कर्ज माफ करने के संबंध में निश्चित घोषणा करें। अमित शाह इस समय राज्य के हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के तीन दिवसीय दौरे पर आए हुए हैं। सिद्दरामैया ने कहा, ’’कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार ने सहकारी बैंकों से किसानों द्वारा लिए गए कर्ज की रकम पूरी तरह से माफ कर दी है। वहीं, केंद्र सरकार इस प्रकार का कदम उठाने में नाकाम रही है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येड्डीयुरप्पा ने दावा किया था कि पहले कर्नाटक सरकार किसानों के कर्ज माफ करने की घोषणा करे, फिर वह (येड्डीयुरप्पा) केंद्र सरकार पर राष्ट्रीयकृत बैंकों से किसानों द्वारा लिए गए कर्ज माफ करने का दबाव बनाएंगे। वहीं, न तो अब तक केंद्र सरकार ने किसानों के कर्ज माफ करने की घोषणा की है और न ही येड्डीयुरप्पा इस बारे में कोई बात कर रहे हैं। नतीजतन किसानों को नया ऋण नहीं मिल रहा है और उनके सामने समस्याओं का पहा़ड ख़डा हो गया है।’’

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