नई दिल्ली/भाषा प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने शुक्रवार को वरिष्ठ अधिवक्ता इन्दु मल्होत्रा को शीर्ष अदालत की न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई। इन्दु मल्होत्रा को बार से उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीश का पद ग्रहण करने वाली पहली महिला होने का गौरव प्राप्त हुआ है। मल्होत्रा के न्यायाधीश का पद ग्रहण करने के साथ ही उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या अब २५ हो गई है। शीर्ष अदालत में प्रधान न्यायाधीश सहित कुल न्यायाधीशों के स्वीकृत पदों की संख्या ३१ है। प्रधान न्यायाधीश ने अपने न्यायालय कक्ष में ६१ वर्षीय मल्होत्रा को पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर शीर्ष अदालत के सभी न्यायाधीश, विधि अधिकारी, उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्यों के अलावा ब़डी संख्या में वकील भी मौजूद थे। उच्चतम न्यायालय के ६७ साल के इतिहास में न्यायमूर्ति मल्होत्रा सातवीं महिला न्यायाधीश हैं। न्यायालय में यह तीसरा अवसर है जब एक समय में दो महिला न्यायाधीश पदासीन हैं। इससे पहले, न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा और न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई और इसके बाद न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई और न्यायमूर्ति आर भानुमति एक साथ शीर्ष अदालत में थीं। अब न्यायमूर्ति भानुमति और न्यायमूर्ति मल्होत्रा हैं। शीर्ष अदालत की कोलेजियम ने १० जनवरी को मल्होत्रा और उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के एम जोसफ को उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की थी। लेकिन सरकार ने मल्होत्रा के नाम को मंजूरी देते हुए न्यायमूर्ति जोसफ की फाइल पुन : विचार के लिए लौटा दी थी। मल्होत्रा ने १९८३ में वकालत शुरू की और उन्होंने १९८८ में उच्चतम न्यायालय की एडवोकेट आन रिकार्ड परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्हें २००७ में शीर्ष अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता मनोनीत किया था।

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