salt symbolic pic
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बेंगलूरु। रोज अपने खाने में ऊपर से नमक डालने की आदत अधिकांश लोगों की है। कई लोग सब्जी बनाते समय ही ज्यादा नमक डालते हैं तो कई ऊपर से डालकर खाना पसंद करते हैं। लेकिन, ये सही नहीं है। लोगों को सबसे पहले प्रोसेस फूड या अचार-पाप़ड से दूर रहना पड़ेगा क्योंकि, इनमें नमक की मात्रा अधिक होती है। आहार विशेषज्ञों का मानना है कि 25 साल तक तो नमक की ज्यादा मात्रा हजम की जा सकती है लेकिन, इसके बाद इस पर कंट्रोल जरूरी है। ज्यादा नमक जिंदगीभर की बीमारी दे सकता है।

क्षणभर के स्वाद के लिए यह कीमत ठीक नहीं। बच्चे भी भूख लगने पर चिप्स या पिज्जा पसंद करते हैं। कुछ लोग टाइम पास करने के लिए नमकीन मूंगफली के दाने भी खाते हैं। आपको यह जानकर हैरत होगी कि इस तरह के भोजन से शरीर को जरूरत से तीन गुना ज्यादा नमक मिलता है।

बढ़ जाता है सोडियम
25 साल की उम्र तक सामान्य लोगों को 2 से 3 ग्राम नमक खाना चाहिए और हाई ब्लड प्रेशर वालों को 1 ग्राम तक। फिर धीरे-धीरे नमक की मात्रा को कम कर देना चाहिए। नमक ज्यादा खाने से ब्लड और प्लाज्मा में सोडियम की मात्रा बढ़ जाती है। सामान्यत व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 120 एवं 80 होता है। ज्यादा नमक खाने से नसें छोटी हो जाती हैं। इससे उनमें ब्लड का प्रेशर बढ़ जाता है।

इसके कारण अधिकतर लोग बीपी से परेशान हो जाते हैं। उनके पास छोटी उम्र के ब्लड प्रेशर मरीज भी बड़ी संख्या में आते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 10 साल की उम्र के लोग भी बीपी के शिकार होते हैं। इसका एकमात्र कारण टीवी के सामने बैठकर चिप्स या कुरकुरे जैसी चीजें, पॉपकॉर्न, रोस्टेड नट्स खाने से भी ऐसी परेशानी होती है। इसे खाने से बचना चाहिए।

आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. नीना ओझा के अनुसार, हर व्यक्ति को रोजाना सिर्फ 6 ग्राम नमक की जरूरत होती है। 18 से 40 साल तक के व्यक्तियों को इस मात्रा के अनुसार ही नमक खाना चाहिए। उम्र बढ़ने पर इसमें और भी कमी की जरूरत होती है। इस मामले में बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है। उन्हें ज्यादा नमक खाने से रोकना चाहिए।

आयुर्वेद विज्ञान के मुताबिक, नमक पांच तरह के होते हैं। इसमें सेंधा नमक या रॉक सॉल्ट सबसे कम हानिकारक होता है। विज्ञान की भाषा में नमक को सोडियम क्लोराइड कहते हैं। इसमें पाया जाने वाला सोडियम शरीर के लिए फायदेमंद है। यह पोषक तत्वों को ब्लड सेल तक ले जाता है। क्लोराइड बैक्टीरिया खत्म करता है। इसके विपरीत इसकी ज्यादा मात्रा हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसी समस्याओं को जन्म देती है।

ऐसे करें कम
* ब्रेड, प्रोसेस फूड, चीज, कोल्ड वेजीटेबल, चिप्स, पापड़, अचार, सोया सॉस, पास्ता सॉसेस को नजरअंदाज करें।
* स्लिमिंग सूप और पास्ता को भी अनदेखा करें। इनकी शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए नमक का प्रयोग होता है।
* ताजे फल और सब्जियों को भोजन में शामिल करें।
* नमक की जगह ऑरेंज, लेमन जूस और लहसुन से रिप्लेस करें।
* अजीनोमोटो यानी मोनो सोडियम ग्लूकोजमेट का प्रयोग न करें।
* सॉल्टेड दाने, नट और पिज्जा न खाएं।
* फ्राइड राइस और हक्का नूडल्स जैसी डिशेस में बहुत ज्यादा नमक होता है।
* खाने से पहले अदरक की स्लाइस में सेंधा नमक लगाकर खाने से डाइजेशन सुधरता है।

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