army school attack
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इस्लामाबाद। कश्मीर को आतंकवाद की आग में झोंकने वाला पाकिस्तान अब खुद उसी में झुलस रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में आतंकियों के झुंड बढ़ते जा रहे हैं और इससे वहां की सेना भी परेशान है। कभी दूसरों को दर्द देने के लिए पाले गए ये आतंकी अब खुद पाकिस्तान को ही जख्म दे रहे हैं। इसी के मद्देनजर अब पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने 14 आतंकवादियों को सजा-ए-मौत देने का ऐलान किया है।

इन आतंकियों को दिसंबर 2014 में पेशावर स्थित आर्मी स्कूल पर हमला कर 149 लोगों के कत्ल का दोषी पाया है, जिनमें ज्यादातर बच्चे थे। यह इतना बड़ा नरसंहार था जिससे पूरा पाकिस्तान हिल गया। इसके बाद भारत में भी लोगों ने इन मासूम बच्चों की मौत पर दुख जताया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। अब आतंकवादी भस्मासुर बनकर पाकिस्तानियों को ही मौत के घाट उतारने लगे हैं तो वहां की फौज ने इनके प्रति कड़ा रुख अपनाया है।

जानकारी के अनुसार, इन आतंकियों को सैन्य अदालतों ने दोषी करार दिया था। अब जनरल बाजवा की अनुमति के बाद इन्हें फांसी पर लटकाने का रास्ता साफ हो गया है। गौरतलब है कि पाकिस्तान में सैन्य अदालतें भी काम करती हैं जो इस तरह के मामलों की सुनवाई करती हैं। उनमें सेना प्रमुख की अहम भूमिका होती है।

अगर किसी शख्स को सैन्य अदालत सजा-ए-मौत देती है तो सेना प्रमुख की इजाजत के बाद ही उसे फांसी पर लटकाया जाता है। इन 14 आतंकियों को सैन्य अदालतों ने मासूम बच्चों की हत्या करने, शिक्षण संस्थानों को नष्ट करने, सशस्त्र बलों पर हमला करने जैसे कई आरोपों में दोषी पाया है। इसके अलावा जनरल बाजवा ने आठ आतंकियों को कैद की सजा सुनाई है।

मुजाहिदीन कैसे बने दहशतगर्द?
अस्सी के दशक में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में कथित जिहाद के लिए आतंकियों को पाला था। तब इन्हें मुजाहिदीन के नाम से संबोधित किया जाता था। इसके बाद बदलते हालात में ये आतंकी गिरोह इतने ज्यादा शक्तिशाली हो गए कि इन्होंने कई इलाकों पर कब्जा कर खुद का शासन होने का दावा किया।

पाकिस्तान की स्वात घाटी इसका उदाहरण है जहां तालिबान ने अपना शासन होने का ऐलान किया था। उसके आतंकियों ने मलाला यूसुफजई को गोली मारी थी। तब जाकर पाकिस्तानी फौज ने मामले की गंभीरता को समझा और इनके खिलाफ कार्रवाई का मन बनाया। 16 दिसंबर, 2014 को आतंकियों ने पेशावर स्थित आर्मी स्कूल पर हमला किया था। अब चार साल बाद पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने इन्हें फांसी देने की तैयारी कर ली है।

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