प्रधानमंत्री मोदी स्टैच्यू आॅफ यूनिटी राष्ट्र को समर्पित करते हुए।
प्रधानमंत्री मोदी स्टैच्यू आॅफ यूनिटी राष्ट्र को समर्पित करते हुए।

केवडिया। आज़ादी के नायक और स्वतंत्र भारत को एकजुट करने वाले सरदार पटेल की 143वीं जयंती के मौके पर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी प्रतिमा ‘स्टैच्यू आॅफ यूनिटी’ राष्ट्र को समर्पित की। मोदी ने गुजरात के नर्मदा जिले के केवडिया गांव में सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा का उद्घाटन किया। ऊंचाई के मामले में यह विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने वैली ऑफ फ्लोवर्स, टेंट सिटी का भी उद्घाटन किया।

प्रतिमा के अनावरण के बाद भारतीय वायुसेना के विमान इसके करीब से गुजरे और आसमान में तिरंगा उकेरा। उन्होंने यहां पुष्पवर्षा भी की। पूरे देश से करोड़ों लोग इस दृश्य के साक्षी बने। मोदी ने 31 अक्टूबर, 2013 को स्टैच्यू आॅफ यूनिटी की आधारशिला रखी थी। उस समय वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे। इसके लिए देश के विभिन्न गांवों में किसानों से खेती के काम में लिया गया लोहा इकट्ठा किया गया था।

प्रतिमा के अनावरण के लिए देश की 30 नदियों का पवित्र जल लाया गया था। इनमें गंगा, यमुना, नर्मदा सहित अन्य नदियां हैं। इस जल से प्रधानमंत्री ने प्रतिमा के पास स्थित शिवलिंग का अभिषेक किया। अमेरिकी की स्टैच्यू आॅफ लिबर्टी से करीब दुगुनी इस प्रतिमा ने अपनी ऊंचाई और कई खूबियों के साथ दूसरी प्रतिमाओं को बहुत पीछे छोड़ दिया है। अब तक चीन की स्प्रिंग टेंपल बुद्धा के नाम सबसे ऊंची प्रतिमा होने का रिकॉर्ड था, जो 153 मीटर ऊंची है। वहीं तीसरे स्थान पर म्यांमार की लेयक्युन सेटक्यार प्रतिमा है, जो 116 मीटर ऊंची है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सरदार सरोवर बांध के पास साधु बेट टापू पर खड़ी है। इसकी भौगोलिक स्थिति भी इसे बहुत खास बनाती है। मजबूत बुनियाद पर खड़ी की गई इस प्रतिमा को देखकर लोग सरदार पटेल के महान व्यक्तित्व को जान सकेंगे। यह प्रतिमा 6.5 तीव्रता के भूकंप का आसानी से सामना कर लेगी। वहीं 180 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार वाली हवाओं में भी अडिग खड़ी रहेगी।

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इस प्रतिमा के निर्माण में करीब 5,700 मीट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल किया गया। वहीं इसे आकार देने में 22,500 मीट्रिक टन सीमेंट लगाया गया। प्रतिमा में 18,500 टन रॉड और 18.5 लाख किलोग्राम कांस्य लेप का इस्तेमाल हुआ है। अगर लागत की बात करें तो यह करीब 3,000 करोड़ रुपए है। इसके लिए 3,400 लोगों ने रोज पसीना बहाया, तब जाकर भारत को सबसे ऊंची प्रतिमा का गौरव हासिल हुआ है।

statue of unity
statue of unity

कैसे करें दीदार?
पर्यटक लिफ्ट का इस्तेमाल कर भी प्रतिमा का दीदार कर सकेंगे। एक बार में 200 पर्यटक आसानी से यहां का नजारा देख सकते हैं। स्टैच्यू आॅफ यूनिटी को सात किलोमीटर की दूरी से भी देखा जा सकेगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पर्यटन के लिहाज से यह स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। यहां रोज 15 हजार तक पर्यटक आने की संभावना जताई जा रही है। अहमदाबाद से इसकी दूरी करीब 200 किलोमीटर है। सड़क मार्ग से यहां तक पहुंचना सुगम होगा।

यहां आने वाले पर्यटकों के लिए प्रतिमा से तीन किलोमीटर की दूरी पर एक टेंट सिटी है। यहां विशाल भवन और होटल बनाया गया है। इससे पर्यटकों को ठहरने में सुविधा होगी। प्रतिमा के नीचे एक म्यूजियम है। यहां सरदार पटेल से जुड़ी वस्तुओं को देखकर लोग उनके महान योगदान के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

इस प्रतिमा में दो लिफ्ट हैं। इससे पर्यटक जिस ऊंचाई तक जा सकेंगे, वह प्रतिमा के सीने तक है। यहां का नजारा बहुत खूबसूरत होगा। प्रतिमा तक पहुंचने के लिए पुल और नाव भी होंगी। यहां सेल्फी लेने के लिए भी अलग से स्थान होने की चर्चा है। इसका मतलब है कि सोशल मीडिया में इसकी तस्वीरें खूब शेयर होंगी। यहां पर्यटकों के आगमन से हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

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