water making technology
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नई दिल्ली/भाषा। प्रकृति से सीख लेते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मंडी की एक टीम ने ऐसी तकनीक विकसित की है जिसके जरिए ओस-कुहासे से पानी निकाला जा सकता है। विश्वभर के अनुसंधानकर्ता ऐसी तकनीक विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं जो अप्रत्याशित स्रोतों जैसे कुहासे एवं ओस से पानी निकाल सकें और जल की बढ़ती मांग को पूरा कर सकें।

आईआईटी मंडी, हिमाचल प्रदेश के एसोसिएट प्रोफेसर वेंकट कृष्णन ने कहा, विश्व के शुष्क एवं अर्द्धशुष्क क्षेत्रों में ऐसे कई पौधे हैं जिनकी पत्तियां ओस एवं कुहासे से पानी निकाल सकती हैं। अनुसंधानकर्ताओं ने एक सजावटी पौधे ड्रैगन लिली की पत्तियों के जटिल ढांचे का अध्ययन किया।

पानी बनाने की विशेषताओं और पत्तियों के पैटर्न का अध्ययन करने पर टीम ने पाया कि पैटर्न वाले नमूनों पर कुहासे से पानी निकालने की क्षमता 230 प्रतिशत तक बढ़ गई। बाद में टीम ने इस पैटर्न की नकल एक पॉलीमर सामग्री पर उतारी। यह अध्ययन एसीएस सस्टेनेबल केमिस्ट्री एंड इंजीनियरिंग पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

उल्लेखनीय है कि प्रकृति के विभिन्न स्रोतों से पानी निकालने के लिए इजरायल का नाम काफी चर्चा में रहा है। इजरायली वैज्ञानिकों ने पानी के बेहतरीन इस्तेमाल के अलावा ऐसे स्रोतों के उपयोग की तकनीक हासिल कर ली है जिसकी प्राय: दुनिया के दूसरे देशों में चर्चा भी नहीं होती। पिछले दिनों इजरायल द्वारा बादलों से पानी निकालने की तकनीक काफी चर्चा में रही थी। ऐसी ही तकनीकों के दम पर यह देश रेगिस्तान और पथरीली जमीन के बावजूद काफी हराभरा और संपन्न है।

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