लखनऊ/जयपुर/भाषाउत्तर प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में देर रात आए आंधी-तूफान के कारण हुए हादसों में कम से कम १०० लोगों की मौत हो गई तथा ४७ अन्य घायल हो गए। मौसम विभाग के एक अधिकारी के अनुसार क्षेत्र में बने चक्रवाती परिसंचार तंत्र से आगामी ४८ घंटों के दौरान उत्तरप्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में फिर से धूल भरी आंधी आने का पूर्वानुमान है।उत्तरप्रदेश और राजस्थान में आंधी-तूफान के कारण जनहानि पर दुख प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों को राज्यों के साथ समन्वय बनाने और प्रभावितों को तुरंत राहत प्रदान किया जाना सुनिश्चित करने को कहा है। जयपुर के भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिक हिमांशु शर्मा ने पीटीआई-भाषा को बताया कि राजस्थान में आगामी ४८ घंटों के दौरान उच्च क्षमता की तेज हवाओं के चलने से धूल भरा अंध़ड आने की आशंका है। इससे उत्तर प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र विशेषकर करौली, धौलपुर जिले प्रभावित हो सकते हैं। जबर्दस्त आंधी-तूफान की वजह से अनेक मकान ध्वस्त हो गए, पे़ड गिर गए और बिजली के खम्बे उख़ड गए। उत्तरप्रदेश में तेज आंधी-तूफान, बिजली गिरने और ओलावृष्टि के कारण हुए हादसों में ६४ लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान में ३३ लोगों की मौत के साथ कुल ९७ लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में करीब १०० लोग घायल हो गए। उत्तरप्रदेश में सबसे ज्यादा जनहानि आगरा जिले में हुई जहां ३६ लोगों की मौत हो गई तथा ३५ अन्य जख्मी हो गए। आगरा के अलावा, उत्तरप्रदेश में बिजनौर, बरेली, सहारनपुर, पीलीभीत, फिरोजाबाद, चित्रकूट, मुजफ्फरनगर, रायबरेली और उन्नाव भी प्रभावित हुआ। राजस्थान में सबसे ज्यादा धौलपुर जिला प्रभावित हुआ जहां १७ लोगों की मौत हो गई। धौलपुर में जिन दो लोगों की मौत हुई उसमें दो लोग उत्तरप्रदेश के आगरा के थे।

LEAVE A REPLY