us drone attacks in pak
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इस्लामाबाद। दूसरे मुल्कों में आतंकवाद फैलाने के लिए पूरी दुनिया में बदनाम हो चुका पाकिस्तान अमेरिकी ड्रोन हमलों के सामने लाचार नजर आ रहा है। अमेरिकी ड्रोन कई बार उसके इलाकों में घुसकर बमबारी कर चुके हैं, जिसके बाद पाकिस्तानी हुक्मरान और फौजी अफसर नाराजगी जता चुके हैं। इस पर भी अमेरिका ने अपना रवैया नहीं बदला। एक रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2004 से लेकर अब तक अमेरिका पाकिस्तान में घुसकर कम से कम 409 ड्रोन हमले कर चुका है।

इन हमलों में 2,714 लोग मारे गए हैं। अमेरिका दावा करता रहा है कि ये हमले आतंकवादियों को निशाना बनाकर किए जाते हैं। वह इसे आतंकवाद के खिलाफ युद्ध का हिस्सा मानता है। इन हमलों में 728 लोग घायल हुए हैं। पाकिस्तान के अंग्रेजी अखबार द डॉन की एक रिपोर्ट कहती है कि अब तक अमेरिका बाजौर, बानू, खैबर, हांगू, खुर्रम, मोहमंद, उत्तरी वजीरिस्तान में ड्रोन हमले कर चुका है।

ड्रोन हमलों की यह सूची यहीं तक सीमित नहीं है। अमेरिका दक्षिणी वजीरिस्तान, मुश्की, ओरक्जई में भी बड़ी संख्या में ऐसे हमले कर कई लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। ये हमले खुफिया रिपोर्टों के आधार पर अंजाम दिए जाते हैं। अमेरिका कहता है कि अफगानिस्तान में तालिबान और दूसरे संगठनों के आतंकवादी हमला कर पाकिस्तान के इन इलाकों में पनाह ले लेते हैं। इसलिए वह ड्रोन से हमले कर उनके ठिकानों को नष्ट करता है।

वहीं पाकिस्तान कहता है कि इन हमलों में आम नागरिक भी बड़ी संख्या में मारे जा चुके हैं। अमेरिका ने वर्ष 2008 से 2012 तक पाकिस्तान के इन इलाकों में खूब कहर बरपाया। इस दौरान ड्रोन हमलों में तेजी आई। उस समय पाकिस्तान में जरदारी की पार्टी पीपीपी का शासन था। इस अवधि में कुल 336 ड्रोन हमले किए गए। इनमें 2,282 लोग मारे गए। वहीं 658 घायल हुए।

इसके अलावा वर्ष 2010 में ड्रोन हमलों का यह आंकड़ा 117 तक जा पहुंचा। उस साल 775 लोग मारे गए और 193 घायल हुए। नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन के सत्ता में आने के बाद भी हालात ज्यादा नहीं बदले। वर्ष 2013 से 2018 तक अमेरिका ने पाक में 65 ड्रोन हमले कर 301 लोगों को मारा। इन हमलों में 70 लोग घायल हुए।

अमेरिका ऐसे ही ड्रोन हमले कर तालिबान के कई कुख्यात आतंकियों को ढेर कर चुका है, जिनमें से मुल्ला अख्तर मंसूर भी एक था। वर्ष 2018 में अमेरिका ने दो ड्रोन हमले किए हैं, जिनमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। अमेरिका स्पष्ट कर चुका है कि आतंकवाद के खिलाफ वह ऐसे हमले करता रहेगा।

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