nirmala sitharaman
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नई दिल्ली/दक्षिण भारत। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के अमेठी को बड़ा तोहफा देने का फैसला किया है। इसके तहत यहां सेना के लिए अत्याधुनिक राइफलों का बड़ा प्लांट लगाया जाएगा। ये कलाश्निकोव राइफल होंगी। सरकार ने रूस के साथ मिलकर करीब 7.47 लाख राइफलों के निर्माण के लिए करार की तैयारी कर ली है। राइफलों के निर्माण का कार्य कोरवा की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में होगा, जो अमेठी लोकसभा क्षेत्र में आता है। बता दें कि यहां से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लोकसभा सांसद हैं।

यह समझौता रक्षा मंत्रालय के प्रस्ताव के अंतर्गत हो रहा है। इसमें मंत्रालय ने करीब साढ़े छह लाख राइफलों की खरीदारी के लिए अभिरुचि पत्र मांगे थे। इस करार से भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि ये राइफलें पूरी तरह भारत में ही बनाई जाएंगी। केंद्र सरकार की नीतियों के अनुसार, इस कारखाने के पास शेयरों में 50.5 प्रतिशत की हिस्सेदारी होगी। वहीं 49.5 प्रतिशत शेयर सहयोगी देश रूस को दिए जाएंगे।

जानकारी के अनुसार, 7.62 गुणा 39 एमएम कैलिबर वाली एके-103 बंदूकों के लिए अंतर सरकारी सौदे पर जल्द हस्ताक्षर की संभावना है। ये राइफलें एके-47 राइफल की तीसरी पीढ़ी की हैं। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस माह के ​आखिर तक इस परियोजना का उद्घाटन कर सकते हैं। राइफलों के इस प्लांट से जहां सशस्त्र बलों की ताकत बढ़ेगी। वहीं अमेठी में भी रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे।

इस माह के आखिर तक भारत और रूस के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, कोरवा प्लांट का प्रतिनिधित्व सेना के सेवारत मेजर जनरल रैंक के अधिकारी करेंगे। यह सौदा करीब 12,000 करोड़ रुपए का बताया जा रहा है। भारत और रूस पूर्व में भी एक-दूसरे के रक्षा सहयोगी रहे हैं। ब्रह्मोस के निर्माण में रूस की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अब इस प्लांट के निर्माण में भी दोनों देशों का सहयोग होगा।

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