दुर्घटना के बाद राहत कार्यों में जुटी पुलिस और स्थानीय लोग।
दुर्घटना के बाद राहत कार्यों में जुटी पुलिस और स्थानीय लोग।

अमृतसर। दशहरे के अवसर पर शुक्रवार को पंजाब के अमृतसर में बड़ी रेल दुर्घटना हुई। इसमें 50 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। वहीं 100 से ज्यादा घायल हुए हैं। यह रेल पठानकोट से अमृतसर की तरफ आ रही थी। जानकारी के अनुसार, घटना शाम करीब 6.30 बजे की है। यहां के चौड़ा बाजार इलाके में रेल की पटरियों के पास रावण के पुतले का दहन हो रहा था। उस समय काफी लोग रावण दहन देखने के लिए इकट्ठे हुए थे। कई लोग पटरियों पर खड़े हो गए थे। जब डीएमयू रेल नंबर 74943 आई तो वह लोगों को कुचलते हुए आगे चली गई। हादसे के बाद यहां भगदड़ मच गई और लोग मदद के लिए चीख-पुकार करने लगे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जब पुतले को आग लगाई गई तो लोगों से पीछे हटने के लिए कहा गया। लोग पीछे हटे और उसी समय पटरियों पर रेल आ गई। इससे काफी लोग उसकी चपेट में आ गए।

दुर्घटना अमृतसर और मनावला के बीच फाटक नंबर 27 के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उस वक्त रेल की रफ्तार बहुत ज्यादा थी। आबादी वाला इलाका होने और त्योहार के मद्देनजर रफ्तार कम होनी चाहिए थी। हादसे के बाद यहां का नजारा हृदयविदारक था। लाशें पटरियों पर बिखरी हुई थीं। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोग बचाव कार्य में जुटे। सूचना मिलने पर पुलिस और जीआरपी की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है। दुर्घटना के बाद पंजाब सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए बतौर मुआवजा पांच-पांच लाख रुपए का ऐलान किया गया है। पुलिस कमिश्नर एसएस श्रीवास्तव ने कहा है कि दिवंगत लोगों की संख्या मालूम नहीं लेकिन यह 50-60 से ज्यादा है।

हो रहे थे पटाखों के धमाके: प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया ​कि यहां कई वर्षों से रावण दहन होता रहा है। इस साल जब रावण दहन हो रहा था तो पटाखों की तेज आवाज के कारण ट्रेन की सीटी सुनाई नहीं दी। इसके बाद यह दुर्घटना हो गई। इस संबंध में रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि दुर्घटना में मारे गए लोगों की कुल संख्या का अभी पता नहींं है। राहत कार्य जारी है। उसके बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि प्रशासन और दशहरा कमेटी ने लापरवाही बरती। जब रेल आ रही थी तो इसकी सूचना देनी चाहिए थी। दुर्घटना का वीडियो भी आया है। हालांकि उसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

अधिकारियों को दिए निर्देश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुर्घटना पर दुख जताया है। उन्होंने दिवंगत लोगों के परिजनों से संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना की है। उन्होंने तुरंत मदद पहुंचाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस दुर्घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि मेरी संवेदना मृतकों के परिवारों के साथ है। उन्होंने घायलों के स्वस्थ होने की कामना की है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर दुख जताया है। उन्होंने संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। गोयल ने कहा कि रेलवे फौरन राहत और बचाव कार्य में जुट गया है।

train accident amritsar
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने दुख की इस घड़ी में सभी राजकीय और निजी अस्पतालों को खुला रखने का निर्देश दिया है। जिला प्रशासन को भी राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने गृह सचिव, स्वास्थ्य सचिव और एडीजी (कानून व्यवस्था) को तत्काल अमृतसर जाने के निर्देश दिए हैं। राजस्व मंत्री सुखबिंदर सरकारिया को बचाव अभियान का निरीक्षण करने के लिए नियुक्त कर तत्काल अमृतसर जाने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री शनिवार को अमृतसर पहुंचेंगे।

हर किसी का दिल रो उठा: दुर्घटना के बाद एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि पटरियों का ऐसा नजारा 1947 में भारत विभाजन के दौरान ही देखा था। चारों ओर बिखरी हुईं लाशें देख हर किसी का दिल रो उठा।

सिद्धू के खिलाफ फूटा गुस्सा
एक प्रत्यक्षदर्शी का ​पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी नवजोत कौर के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा। उसने कहा कि कांग्रेस ने यहां बिना अनुमति दशहरे का आयोजन किया। नवजोत कौर मुख्य अतिथि थीं और लोगों के ट्रेन से टकराने के बाद भी वे भाषण देती रहीं। उस शख्स ने आरोप लगाया कि फिर वे चली गईं और लोगों की मदद नहीं की। एक अन्य शख्स ने कहा कि नवजोत कौर डॉक्टर हैं। उन्हें यहां रुकना चाहिए था। वहीं नवजोत कौर ने कहा, मैं मौके से भागी नहीं, घायलों की मदद कर रही हूं।

 

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